
RJ Employees 6 Day Working : राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों को बड़ा झटका लगने वाला है। खबर है कि राज्य की भजनलाल सरकार पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार कर्मचारियों की छुट्टी वाला फैसला बदल सकती है।इसके तहत कर्मचारियों को हफ्ते में 6 दिन काम करना पड़ सकता है, हालांकि अभी तक इसको लेकर कोई अधिकारिक पुष्टि या बयान सामने नहीं आया है। बता दे कि अभी राजस्थान में 5 डे वर्किग रूल लागू है।
अब 5 नहीं हफ्ते में 6 दिन करना होगा काम!
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोकसभा चुनाव के बाद राजस्थान की भजनलाल सरकार सरकारी कर्मचारियों और आधिकारियों की छुट्टी में बड़ा बदलाव कर सकती है। सचिवालय के गलियारों में ‘6 दिन का सप्ताह’ लागू करने की चर्चा है। कयास लगाए जा रहे है कि चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की भजनलाल सरकार अब सरकारी दफ्तरों में 5 दिन की बजाय 6 दिन के सप्ताह की घोषणा कर सकती है यानि अब कर्मचारियों को हफ्ते 6 दिन (सोमवार से शनिवार) ऑफिस आना पड़ सकता है। इस चर्चा के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में खलबली मची हुई है।
पिछली सरकार ने लागू किया था ये नियम
दरअसल,राजस्थान में 2008 में जब प्रदेश में वसुंधरा राजे सरकार थी, तब ‘फाइव डे वीक’ लागू हुआ किया गया था। इस दौरान ऑफिस का समय 9 से 6 बजे तक होता है। इसके तहत सभी कर्मचारियों अधिकारियों को सोमवार से शुक्रवार तक काम करना होता है और शनिवार और रविवार छूट्टी होती है। लेकिन अब खबर आ रही है कि भजनलाल सरकार इसे बदलने जा रही है, अब सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को सोमवार के शनिवार तक काम करना होगा । हालांकि कहा जा रहा है कि सरकार शनिवार को पूरे दिन काम ना करवाकर आधे दिन का वर्किंग डे की भी घोषणा कर सकती है।
नई तबादला नीति भी लागू करने की तैयारी
- राजस्थान के सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों के लिए सरकार नई तबादला नीति भी लागू होने वाली है, जिसके तहत हर साल 30 अप्रैल तक सरकारी कर्मचारियों के तबादले हो सकेंगे। इसमें किसी कर्मचारी का 3 साल से पहले तबादला नहीं होगा। इसके लिए हर कर्मचारी को सेवा के 2 साल ग्रामीण क्षेत्र में रहना होगा । इसके लिए प्रशासनिक सुधार विभाग ने एक ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसे लोकसभा चुनाव के बाद कैबिनेट में लाया जाएगा।
- इसमें दिव्यांग, विधवा, भूतपूर्व सैनिक, उत्कृष्ट खिलाड़ी, एकल महिला, पति-पत्नी प्रकरण, असाध्य रोग से पीड़ित, शहीद के आश्रित सदस्य और दूरस्थ इलाकों में तीन साल से कार्यरत कर्मचारियों को प्राथमिकता मिलेगी। नई तबादला नीति सरकारी विभागों, बोर्ड, निगमों पर राजकीय उपक्रमों पर भी लागू होगी,शेष सभी विभागों में इसी के आधार पर तबादले किए जाएंगे।निर्वाचन विभाग, राज्यपाल सचिवालय और विधानसभा सचिवालय पर यह लागू नहीं होगी।
12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

