Bloomberg Billionaires Index : मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी फिर बने एशिया के सरताज, देखें दोनों की कमाई में कितना इजाफा हुआ

गौतम अडानी नेटवर्थ में शुक्रवार को 5.45 अरब डॉलर की तेजी आई, जिसके साथ उनका कुल नेटवर्थ 111 अरब डॉलर पहुंच गया, उनके नेटवर्थ में कुल 26.8 अरब डॉलर की तेजी आई है।
Gautam Adani Mukesh Ambani

Bloomberg Billionaires Index : चुनावों में भारत के जिस उद्योगपति के नाम का डंका बजा उस उद्योगपति ने अब एशिया में भी अपना डंका बजा दिया है, जी हाँ सही समझे आप। राहुल गांधी और कांग्रेस जिस गौतम अडानी को दिन रात कोसते हैं  उसी गौतम गौतम अडानी ने भारत का नाम एशिया में रोशन कर दिया है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) में गौतम अडानी एशिया के नंबर एक अमीर बन गए हैं, इतना ही नहीं जिस दूसरे उद्योगपति मुकेश अंबानी को भी गालियां दी जाती हैं वो एशिया के दूसरे सबसे रईस घोषित हुए हैं।

Bloomberg Billionaires Index में बड़ा उलटफेर 

भारत में दो अमीर उद्योगपतियों के बीच होड़  लगी रहती है ये होड़ है व्यापार की और इसे कमाए हुए धन की, इसमें कभी कोई आगे तो कभी कोई पीछे। आज अमीरों का डाटा जारी करने वाली एजेंसी ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) ने रिपोर्ट जारी की है जिसमें बड़ा फेरबदल हुआ है। और इसमें भारत के दोनों बड़े उद्योगपतियों गौतम अडानी और मुकेश अंबानी का नाम भी शामिल है।

111 अरब डॉलर दौलत के साथ गौतम अडानी एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति 

अडानी समूह के चेयरमेन गौतम अडानी ने लम्बी छलांग लगाते हुए Bloomberg Billionaires Index में  11 वा स्थान हासिल किया है और 12 नंबर पर मौजूद मुकेश अंबानी से ऊपर रहकर एशिया और भारत का सबसे रईस व्यक्ति होने का ख़िताब हासिल कर लिया है। इस लिस्ट के मुताबिक गौतम अडानी नेटवर्थ में शुक्रवार को 5.45 अरब डॉलर की तेजी आई, जिसके साथ उनका कुल नेटवर्थ 111 अरब डॉलर पहुंच गया, उनके नेटवर्थ में कुल 26.8 अरब डॉलर की तेजी आई है। उधर मुकेश अंबानी 109 अरब डॉलर की संपत्ति के साथ इस लिस्ट में 12वें और एशिया में दूसरे नंबर पर हैं।

ये है दुनिया के टॉप 14 अमीरों के नाम और उनकी पोजीशन 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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