Bharatpol : सीबीआई का नया ब्रेन चाइल्ड ‘भारतपोल’, राज्यों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा

CBI ने 'भारतपोल' नाम का एक नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच इंटरपोल से जुड़ी जानकारी का आदान-प्रदान करना है। यह प्लेटफॉर्म पुलिस को पत्र, ईमेल या फैक्स की बजाय सीधे एक पोर्टल के जरिए जानकारी भेजने में मदद करेगा, जिससे समय की बचत होगी। इस प्लेटफॉर्म से इंटरपोल द्वारा जारी नोटिस और फरार अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद मिलेगी।
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CBI comes up with Bharatpol : सीबीआई ने एक नया आधुनिक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ‘भारतपोल’ तैयार किया है। यह प्लेटफॉर्म राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बल और केंद्रीय एजेंसियों को इंटरपोल से फरार अपराधियों या अन्य मामलों की जानकारी प्राप्त करने के लिए बिना किसी रुकावट के अपनी रिक्वेस्ट भेजने में मदद करेगा।

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) भारत का राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो है। इंटरपोल के जरिए सीबीआई भारत में अपराध या अपराधियों की जांच में मदद के लिए दूसरे देशों की एजेंसियों से जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकती है। इसके अलावा, सीबीआई अपराध से जुड़ा डेटा और खुफिया जानकारी साझा करके दूसरे देशों की मदद भी कर सकती है।

Bharatpol : नया ऑनलाइन प्लेटफॉर्म

‘भारतपोल’ सीबीआई द्वारा बनाया गया एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है, जिसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों और केंद्रीय एजेंसियों के बीच इंटरपोल से जुड़ी जानकारी का आदान-प्रदान आसान करना और उसमें तेज़ी लाना है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए पुलिस अब पत्र, ईमेल या फैक्स के बजाय सीधे एक पोर्टल पर अपनी जानकारी भेज सकती है, जिससे काम में देरी की संभावना कम होगी और इंटरपोल अधिक नोटिस जारी कर सकेगा।

CBI ने बनाया भारतपोल

‘भारतपोल’ प्रोजेक्ट को सीबीआई ने ही डिज़ाइन और लागू किया है। भारतपोल अब परीक्षण चरण में है और इसे 7 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च किया जा सकता है। इसे लेकर एक अधिकारी ने बताया कि “राज्य और सीबीआई (इंटरपोल इंडिया) के बीच अब संचार एक पोर्टल के जरिए बिना किसी रुकावट के होगा, न कि पत्रों, ईमेल या फैक्स के जरिए। इससे होने वाली देरी कम होगी और भविष्य में इंटरपोल द्वारा और अधिक नोटिस जारी किए जा सकेंगे”।

फरार अपराधियों को पकड़ने में मिलेगी मदद

बता दें कि सभी कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल रेड नोटिस, गुमशुदा व्यक्तियों के लिए येलो नोटिस और अपराध जांच से संबंधित किसी व्यक्ति की पहचान, स्थान या गतिविधि आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ब्लू नोटिस जैसी सूचनाओं के लिए अपनी अनुरोध सीबीआई को भेजती हैं। सीबीआई के साथ समन्वय करने के लिए, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ विशेष इंटरपोल संपर्क अधिकारी नियुक्त करती हैं, जो जब भी उन्हें इंटरपोल से किसी भी मामले में जानकारी चाहिए होती है, तो वे सीबीआई से नियमित संपर्क बनाए रखते हैं। इंटरपोल का पूरा नाम ‘इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन’ है। यह एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है जो अलग-अलग देशों की पुलिस को आपस में मिलकर अपराधों को हल करने में मदद करती है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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