CM रेखा गुप्ता ने AAP को घेरा, 2400 करोड़ पर एक भी रुपया जनता के विकास में खर्च नहीं,CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

CM रेखा गुप्ता ने दावा किया कि कई विकास परियोजनाओं को सिर्फ इसलिए रोका गया क्योंकि उनमें ‘प्रधानमंत्री’ शब्द जुड़ा था।
सीएम रेखा गुप्ता

सीएम रेखा गुप्ता

दिल्ली की CM रेखा गुप्ता ने विधानसभा में CAG (वर्ष 2023-24) की रिपोर्ट पेश करते हुए पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि पिछली सरकार ने जनता के टैक्स के पैसे का उपयोग विकास कार्यों के बजाय अपनी मुफ्त योजनाओं और प्रचार-प्रसार पर किया। सीएम गुप्ता ने कहा कि जनता को उम्मीद थी कि उनके टैक्स से सड़कें, अस्पताल और स्कूल बनेंगे, लेकिन इस धन का इस्तेमाल केवल वोट बैंक बढ़ाने वाली योजनाओं में कर दिया गया। उन्होंने दावा किया कि कई विकास परियोजनाओं को सिर्फ इसलिए रोका गया क्योंकि उनमें ‘प्रधानमंत्री’ शब्द जुड़ा था।

केंद्र से मिले हजारों करोड़

CAG रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने दिल्ली को 4800 करोड़ रुपये की ग्रांट दी थी। इसमें से 463 करोड़ पानी की आपूर्ति, 482 करोड़ मुफ्त बस सेवा और 3250 करोड़ मुफ्त बिजली योजनाओं पर खर्च कर दिए गए। सीएम ने कहा कि 2400 करोड़ रुपये की अलग राशि केंद्र ने अस्पताल और आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाने के लिए दी थी, लेकिन एक भी रुपया इस मद में खर्च नहीं हुआ। यही नहीं, दिल्ली में 24 अस्पताल अधूरे पड़े हैं, जिनकी लागत 3427 करोड़ से बढ़कर अब 6127 करोड़ हो गई है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में गिरावट

मुख्यमंत्री ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2022-23 में दिल्ली का राजस्व अधिशेष 4566 करोड़ था, जो 2023-24 में 3934 करोड़ के घाटे में बदल गया। दो वर्षों में कुल घाटा करीब 8600 करोड़ रुपये पहुंच गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में 50% की गिरावट आई, जबकि शिक्षा और खेल बजट में 42% की कटौती हुई। सड़क निर्माण और लोक निर्माण विभाग के कार्यों में भी 40% तक की गिरावट दर्ज की गई।

मेट्रो और कई परियोजनाओं में हिस्सेदारी नहीं

सीएम रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि मेट्रो परियोजनाओं में केंद्र और राज्य की बराबर हिस्सेदारी होती है, लेकिन दिल्ली सरकार ने अपना हिस्सा एक बार भी नहीं दिया। कोर्ट की फटकार के बावजूद यह स्थिति नहीं बदली। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की परियोजनाओं में भी दिल्ली सरकार ने कोई सहयोग नहीं किया। इतना ही नहीं, 3760 करोड़ की ग्रांट मिलने के बाद भी उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) तक नहीं भेजा गया। सीएम गुप्ता ने कहा कि यह मामला जनता के पैसे की बर्बादी और विकास कार्यों की जानबूझकर उपेक्षा का है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि CAG रिपोर्ट को लोक लेखा समिति (PAC) के पास भेजा जाए ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो सके और जनता को सही हिसाब मिल सके।

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