महिलाओं के लिए कांग्रेस का “नारी न्याय”, राहुल गांधी बोले- गरीब महिला को साल में 1 लाख, सरकारी नौकरी में आधा हिस्सा

Rahul Gandhi

Rahul Gandhi India Jodo Nyay Yatra :  राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा इस समय महाराष्ट्र में है, उन्होंने यहाँ महिलाओं न्याय गारंटी योजना की घोषणा करते हुए नारी न्याय की बात कही, पिछले दिनों युवाओं को पांच गारंटी देने के बाद अब राहुल गांधी ने महिलाओं के लिए पांच गारंटी देने का वादा किया है।

हर गरीब महिला को 1 लाख रुपये सालाना मिलेगा 

राहुल गांधी ने मंच से कहा कि आज हमने पांच ऐतिहासिक घोषणाएं की है इसमें सबसे जरूरी है हिंदुस्तान की हर गरीब, मजदूर, खेतिहर,  छोटा जॉब करने वाली महिला को साल का 1 लाख रुपये देगी जो सीधे उसके बैंक एकाउंट में पहुंचेंगे, राहुल ने कहा कि कल मैं एक आदिवासी महिला के घर के सामने रुका।

महिलाओं की आमदनी दोगुनी करने का वादा 

उस महिला ने बताया कि उसका बेटा पुलिस में भर्ती होने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे डर  है कि पेपर लीक हो जायेगा और उसकी मेहनत बेकार चली जाएगी, राहुल ने कहा कि वो महिला लोगों के घरों में कपडे धोकर महीने के 10 हजार कमाती है हमने  कहा कि चिंता मत करो हमारी सरकार आयेगी तो आपकी आमदनी दोगुनी करेंगे।

केंद्र सरकारी की नौकरी में आधा हिस्सा महिलाओं को, आशा-आंगनवाडी महिलाओं का वेतन दो गुना 

राहुल गांधी ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद हम केंद्र सरकार की नौकरियों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित होंगी, यानि अब से कुछ साल बाद हर सरकारी ऑफिस में 50 फीसदी महिलाएं काम करती मिलेंगी। राहुल बोले आशा, आंगनवाड़ी और मिड-डे मील बनाने वाली महिलाओं के मासिक वेतन में केंद्र सरकार का योगदान दोगुना किया जाएगा।

अधिकार मैत्री देंगे क़ानूनी अधिकारों की जानकारी, सावित्रीबाई फुले हॉस्टल खुलेंगे

उन्होंने कहा कि प्रत्येक पंचायत में हम एक अधिकार मैत्री नियुक्त करेंगे जो महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देंगी  और इन अधिकारों को लागू करने में मदद करेंगी।  राहुल ने कहा कि केंद्र सरकार देश में कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल की संख्या दोगुनी करेगी, प्रत्येक जिले में कम से कम एक हॉस्टल होगा, जिसका नाम सावित्री बाई फुले होगा।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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