
MGNREGA Bachao Sangram
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर देशभर में शहीद दिवस मनाया जा रहा है। कांग्रेस ने इस दिन केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत देशभर में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी का कहना है कि महात्मा गांधी के सामाजिक न्याय, गरिमा और आजीविका के सिद्धांतों से प्रेरित होकर यह आंदोलन ग्रामीण गरीबों और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए चलाया जा रहा है।
आंदोलन के दौरान दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय से गांधीजी के शहीद स्थल 30 जनवरी मार्ग तक मार्च निकाला और मनरेगा को यथावत रखने की मांग की। इस दौरान शहीद दिवस पर बापू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरकार से ग्रामीण रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई।
शहीद दिवस पर कांग्रेस का मनरेगा बचाओ संग्राम
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि और शहीद दिवस पर कांग्रेस पार्टी ने देशभर में “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत व्यापक विरोध प्रदर्शन किए। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम को कमजोर कर उसके स्थान पर नया ‘वीबी जी राम जी’ एक्ट लागू करने की तैयारी की जा रही है, जिससे ग्रामीण मजदूरों के अधिकार छीने जाएंगे और गांधीजी के नाम व आदर्शों का अपमान हो रहा है।
जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर लगाए आरोप
दिल्ली में कांग्रेस ने पार्टी मुख्यालय से गांधीजी के शहीद स्थल 30 जनवरी मार्ग तक मार्च निकाला। वहीं, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, त्रिपुरा और जम्मू समेत कई राज्यों में धरने, चौपाल, उपवास और शांतिपूर्ण रैलियों का आयोजन हुआ। इस आंदोलन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार ने बुलडोजर चलाकर मनरेगा अधिनियम को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा कि मनरेगा एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कानून था, जिसे सितंबर 2005 में संसद ने सर्वसम्मति से पारित किया था। इस कानून के निर्माण में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, सोनिया गांधी और राहुल गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जयराम रमेश ने कहा कि मनरेगा सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं बल्कि ग्रामीण नागरिकों के लिए कानूनी और संवैधानिक अधिकार था। इस कानून ने पंचायतों को मजबूत किया, रोजगार की गारंटी दी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए मजदूरी सीधे मजदूरों के खातों तक पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महात्मा गांधी के नाम से जुड़े इस कानून को जानबूझकर कमजोर कर रही है ताकि लोगों को उनके अधिकार न मिल सकें। उन्होंने कहा कि मनरेगा के मूल रूप में बहाली तक कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
मोदी सरकार ने बुलडोजर चलाकर मनरेगा अधिनियम को रद्द कर दिया।
मनरेगा ऐतिहासिक और क्रांतिकारी अधिनियम था जो सितंबर 2005 को सर्वसम्मति से पारित हुआ था। इस अधिनियम को बनाने में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी, श्रीमती सोनिया गांधी जी और राहुल गांधी जी का महत्वपूर्ण योगदान था।… pic.twitter.com/yeTewTrqLo
— Congress (@INCIndia) January 30, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

