
भारतीय टेस्ट क्रिकेट के दिग्गज चेतेश्वर पुजारा ने आज सभी प्रारूपों से संन्यास की घोषणा की। 2023 में अपना आखिरी टेस्ट खेलने वाले पुजारा को हाल के समय में चयनकर्ताओं ने नजरअंदाज किया था। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पुजारा के संन्यास पर दुख जताते हुए कहा कि उन्हें थोड़ा और समय और सम्मानजनक विदाई मिलनी चाहिए थी, जो उनके शानदार टेस्ट करियर के लिए उपयुक्त होती।
थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “चेतेश्वर पुजारा के संन्यास से मुझे दुख हो रहा है। भले ही हाल की अनदेखी के बाद यह अपरिहार्य था, लेकिन उनके पास कुछ और साबित करने की जरूरत नहीं थी। फिर भी, उन्हें भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान के लिए बेहतर विदाई मिलनी चाहिए थी।” उन्होंने बताया कि पुजारा ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन चयनकर्ताओं ने युवा खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी।
संन्यास की घोषणा पर भावुक पोस्ट
पुजारा ने अपने संन्यास की घोषणा एक भावुक पोस्ट में की, जिसमें उन्होंने राजकोट के छोटे से शहर से भारतीय क्रिकेट टीम तक के अपने सफर को याद किया। उन्होंने लिखा, “भारतीय जर्सी पहनना, राष्ट्रगान गाना और मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देना मेरे लिए अनमोल अनुभव रहा। लेकिन हर अच्छी चीज का अंत होता है और मैं पूरे सम्मान के साथ भारतीय क्रिकेट से संन्यास ले रहा हूं।” उन्होंने बीसीसीआई, सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन, अपने कोच, मेंटर्स और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
डेब्यू की दूसरी पारी में 72 रन बनाए
शशि थरूर ने पुजारा के करियर की शुरुआत को याद करते हुए कहा कि 20 साल पहले इंग्लैंड में भारत ए के दौरे पर उनकी लगातार रन बनाने की क्षमता ने ध्यान खींचा था। अपने डेब्यू की दूसरी पारी में 72 रन बनाने वाले पुजारा नंबर तीन पर भारत के मिस्टर डिपेंडेबल बन गए। थरूर ने कहा, “पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी कमी खली।” पुजारा को उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं देते हुए थरूर ने कहा, “धन्यवाद, चेतेश्वर पुजारा!”
