सिख गुरुओं पर कथित टिप्पणी को लेकर आतिशी को नोटिस, 19 जनवरी तक मांगा जवाब

दिल्ली विधानसभा स्पीकर ने पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को सिख गुरुओं पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में नोटिस जारी किया है। उन्हें 19 जनवरी से पहले विशेषाधिकार समिति को अपना लिखित बयान देना होगा। इसी मामले से जुड़े वीडियो को लेकर मंत्री कपिल मिश्रा पर पंजाब में FIR भी दर्ज हुई है।
सिख गुरुओं पर कथित टिप्पणी को लेकर आतिशी को नोटिस, 19 जनवरी तक मांगा जवाब

दिल्ली विधानसभा में प्रदूषण पर चर्चा के दौरान सिख गुरुओं पर कथित अपमानजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 19 जनवरी तक अपना लिखित पक्ष रखने को कहा गया है।

यह विवाद दिल्ली से लेकर पंजाब तक राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ जहां आतिशी को नोटिस मिला है, वहीं दूसरी ओर इस घटना का वीडियो शेयर करने पर दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ पंजाब में FIR दर्ज हो गई है।

विशेषाधिकार समिति को भेजा गया मामला

स्पीकर की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 6 जनवरी को सदन की कार्यवाही के संबंध में की गई है। नोटिस में कहा गया है, “स्पीकर के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कि प्रदूषण पर चर्चा अगले दिन के लिए सूचीबद्ध थी, आपने उनके अनुरोधों की अवहेलना करना जारी रखा। ऐसा करते समय आपने कथित तौर पर सिख गुरुओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की, जिससे सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही बाधित हुई।”

नोटिस में यह भी बताया गया है कि 8 जनवरी को आतिशी सदन में उपस्थित नहीं हुईं और न ही उन्होंने अपने बयान पर कोई स्पष्टीकरण दिया। इसके बाद स्पीकर ने इस मामले को विशेषाधिकार समिति को सौंप दिया। अब समिति के अध्यक्ष के निर्देश पर आतिशी को 19 जनवरी तक अपना लिखित बयान प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

कपिल मिश्रा पर FIR, स्पीकर ने जताई आपत्ति

इस मामले में एक और मोड़ तब आया जब दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने आतिशी के कथित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। इस वीडियो के आधार पर पंजाब के जालंधर में उनके खिलाफ एक FIR दर्ज की गई। पंजाब पुलिस का दावा है कि फोरेंसिक जांच में वीडियो के साथ ‘छेड़छाड़’ पाई गई है।

विधानसभा स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने इस FIR पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह कोई व्यक्तिगत रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि सदन की कार्यवाही की आधिकारिक रिकॉर्डिंग है, जो पूरी तरह से दिल्ली विधानसभा की संपत्ति है। उन्होंने इस मामले को अत्यंत गंभीर और संवैधानिक महत्व का बताया, जो सीधे तौर पर सदन की गरिमा, अधिकार और विशेषाधिकारों से जुड़ा है।

“यह मुद्दा किसी व्यक्ति या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। सांसद आतिशी से केवल संक्षिप्त माफी मांगने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया, अन्यथा मामला अब तक समाप्त हो गया होता।” — विजेंद्र गुप्ता, स्पीकर, दिल्ली विधानसभा

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4 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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