
delhi climate change action plan
दिल्ली ने जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए अहम और व्यापक योजनाएं तैयार की हैं। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने हाल ही में “State Action Plan on Climate Change” (SAPCC) को रिवाइज्ड वर्जन के रूप में पेश किया, जिससे पुलिस, बारिश, ऊर्जा और नदियों की स्वच्छता से जुड़ी चुनौतियाँ हल की जाएंगी। यह प्लान लंबी अवधि के लिए 2050 तक की दिशा दिखाता है।
योजना में इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर है। दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों और CNG बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी, साथ ही निजी वाहनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की कोशिश की जाएगी। इससे प्रदूषण घटेगा और रोज़मर्रा की यात्रा बेहतर होगी। दिल्ली इस दिशा में पहले से अग्रसर है, जैसे हाल ही में स्कूलों के लिए भी एसी इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत हुई—जिससे रोज़ाना लगभग 400–500 निजी वाहन सड़कें कम हो गईं।
कचरे को व्यवस्थित
इसके अलावा, विश्वविद्यालयों के छात्रों के लिए ‘U Special’ इलेक्ट्रिक बस सेवा का फिर से शुभारंभ किया गया—इन बसों में आधुनिक तकनीक और मनोरंजन सुविधाएं भी शामिल हैं। योजना का एक और प्रमुख हिस्सा है—11,000 टन प्रतिदिन निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक कचरे को व्यवस्थित रूप से संभालना, और पुरानी कचरे की ढेरबंदी के लिए बायो माइनिंग जैसे उपाय करना। बाढ़ रोधी तैयारियों में बेहतर ड्रेनेज सिस्टम और यमुना की घाटी की सुरक्षा भी शामिल है।
अर्ली वॉर्निंग सिस्टम
दिल्ली में गर्मी के बढ़ते प्रभाव से बचने के लिए अर्ली वॉर्निंग सिस्टम तैयार किया जाएगा, जो समय पर चेतावनी देगा। साथ ही ग्रामीण और बुजुर्गों जैसे संवेदनशील समूहों को प्राथमिक ध्यान देने वाले कदम उठाए जाएंगे। हरित आवरण बढ़ाने पर भी काम किया जाएगा—पेड़ों की वृध्दि, तालाबों और जल स्रोतों की बहाली, तथा तटीय क्षेत्रों की सुधार। इससे तापमान नियंत्रित रहेगा और पानी की उपलब्धता बेहतर होगी।
