
Delhi floods yamuna
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को साफ़ तौर पर कहा कि यमुना नदी के हालात नियंत्रण में हैं और राष्ट्रीय राजधानी सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि यमुना का जलस्तर फिलहाल खतरे की सीमा के करीब पहुंच रहा है—लेकिन इससे ज़्यादा नागरिकों को चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। यमुना का जलस्तर इस बार 206 मीटर के निकट पहुंचने के आसार हैं। हालांकि, CM रेखा गुप्ता ने सुनिश्चित किया कि बाढ़ केवल फ्लडप्लेन तक सीमित रहेगी—जिससे शहर का मुख्य इलाका सुरक्षित रहेगा। वे कहती हैं:
2023 में यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर तक पहुँच चुका था, जिससे राजधानी में भारी बाढ़ देखी गई थी। इस बार प्रशासन ने ड्रेनेज को साफ रखा और नालियों की सफाई कर रखी है ताकि जल निकासी में देरी न हो। सीएम ने बताया कि लगातार 72 घंटे में पानी दिल्ली पहुँच सकता है, लेकिन हालात नियंत्रण में हैं। धरातल पर निगरानी जारी है, और रास्तों को बंद किया जा चुका है जहां खतरा ज्यादा हो रहा है।
अधिकारियों को उच्च सतर्कता
सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री परवेश साहिब सिंह ने जांच परख तेज करने और केंद्रों को अलर्ट पर रखने की बात कही। उन्होंने रक्षक दल, जिलाधिकारी और पुलिस को पूरे समय तैयारी रखने का आदेश दिया। दिल्ली के डिवीजनल कमिश्नर नीरज शेमवाल ने बताया कि सभी ज़िलाध्यक्षों को सचेत कर दिया गया है और राहत शिविरों व बिजली, पानी जैसी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।
जलस्तर वृद्धि के मुख्य कारण
यह वृद्धि नदी में पानी छोड़ने की वजह से है—विशेषकर हथनीकुंड और वज़ीराबाद बांध से पानी छोड़ा गया है, जिसकी मात्रा लाखों क्यूसेक में थी। ओल्ड रेल ब्रिज को मंगलवार शाम से बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने बाढ़ क्षेत्र में रहने वाले निवासियों से अस्थायी रूप से सुरक्षित जगह जाने को कहा है। मुख्यमंत्री ने शांत रहने और प्रभावी तैयारी का संदेश दिया दिल्ली सुरक्षित क्षेत्र में है—डरने की ज़रूरत नहीं। 2023 की बाढ़ से मिली सीख—जैसे ड्रेनेज की सफाई और नियंत्रण व्यवस्था—ने इस बार का हालात संभाला है। अब प्रशासन रोज जलस्तर रिपोर्ट मॉनिटर करता है।
