CBSE Income Tax: वित्त मंत्रालय ने दी सीबीएसई को राहत, किया इनकम टैक्स में छूट का ऐलान, अधिसूचना जारी

cbse board exam 2024

CBSE Income Tax: केन्द्रीय सरकार ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकन्डेरी एजुकेशन को राहत देते हुए कई कार्यों से होने वाली आय पर इनकम टैक्स छूट की घोषणा कर दी है। पाठ्य पुस्तकों की बिक्री, परीक्षा शुल्क और प्रकाशन और अन्य कई कामों की से होने वाली इनकम पर आयकर टैक्स नहीं लगेगा। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने नोटिफिकेशन जारी किया है। आयकर छूट के साथ कई शर्ते भी सामने रखी गई है।

अगले वित्तवर्ष तक जारी रहेगा आयकर छूट

बता दें की आयकर छूट वित्त वर्ष 2020-21, वित्त वर्ष 2021-22 और 2022-23 के लिए लागू किया गया है। यह छूट अगामी वित्त वर्ष 2024-25 में भी जारी रहेगा।

इन कामों में मिलेगी टैक्स छूट की सुविधा

सीबीडीटी द्वारा नोटिफिकेशन के मुताबिक सरकार ने दिल्ली में स्थित केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 10(46) के तहत आयकर छूट की घोषणा की है। सीबीएसई से संबद्ध होने से संबंधित शुल्क, पाठ्य पुस्तकों की आय, परीक्षा शुल्क, प्रकाशनों की बिक्री, खेल शुल्क, पंजीकरण शुल्क और प्रशिक्षण शुल्क पर टैक्स छूट की घोषणा की गई है। परियोजनाओं-कार्यक्रमों से मिलने वाली राशि पर भी टैक्स फ्री होगी। इसके अलावा आयकर रिफ़ंड पर ब्याज भी आयकर मुफ़्त होगी।

व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े रहने की अनुमति नहीं

हालांकि सीबीएसई किसी भी व्यवसायिक एक्टिविटी से जुड़ नहीं पाएगा। साथ ही गतिविधियों और निर्दिष्ट आय की प्रकृति पूरे वित्तीयवर्षों में नहीं बदलेगी वित्तवर्ष 2024-25 के बाद भी आयकर छूट प्राप्त करने के लिए सीबीएसई सीबीडीटी के आवेदन कर सकता है। साथ ही करों के लिए वापसी का दावा करने की अनुमति भी होगी।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews