12000 अस्थाई कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, होंगे पक्के, मंगलवार को प्रस्ताव होगा पारित, मिलेंगे कई लाभ

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपना वादा निभाते हुए निगम के इन अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने का ऐतिहासिक फैसला कर लिया है। 25 फ़रवरी को MCD सदन की बैठक में ये प्रस्ताव पारित होगा।
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दिल्ली नगर निगम के 12000 अस्थायी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। नियमितिकरण पर नया अपडेट सामने आया है। पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी की विधायक आतिशी ने घोषणा की कि MCD के 12000 अस्थायी कर्मचारियों को जल्द स्थायी किया जाएगा। 25 फरवरी को होने वाली एमसीडी की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी।

आतिशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि दिल्ली MCD में “आप” सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए सभी विभागों के 12,000 अस्थाई कर्मचारियों को पक्का करने का फैसला किया है। 25 फरवरी को होने वाली MCD सदन की बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगेगी।आप ने MCD के कच्चे कर्मचारियों से जो वादा किया था, उसे पूरा करने जा रहे हैं। देश के इतिहास में किसी भी सरकार ने इतना बड़ा फैसला नहीं लिया, जो अरविंद केजरीवाल जी के मार्गदर्शन में MCD की “आप” सरकार लेने जा रही है।

केजरीवाल ने दी बधाई

पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है MCD के सभी 12,000 अस्थायी कर्मचारियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। आम आदमी पार्टी ने अपना वादा निभाते हुए निगम के इन अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने का ऐतिहासिक फैसला कर लिया है। 25 फ़रवरी को MCD सदन की बैठक में ये प्रस्ताव पारित होगा।इससे पहले 4 हजार कच्चे कर्मचारियों को पहले ही पक्का किया जा चुका है और अब 12000 को करने की तैयारी है।

नियमित होने पर मिलेंगे कई लाभ

गौरतलब है कि वर्तमान में इन कर्मचारियों को केवल रोज की दिहाड़ी मिलती है, जबकि नियमित कर्मचारी को वेतन आयोग के अनुसार कई लाभ मिलते हैं। नियमित कर्मचारियों को वेतन, बोनस, GPF, ग्रेच्युटी, मेडिकल और रिटायरमेंट के फायदे मिलते हैं।इसमें सभी विभाग के सफाई कर्मचारी, माली, बेलदार, टीचर्स, इंजीनिरिंग विभाग में जेईई, डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर जैसे कच्चे कर्मचारी शामिल हैं।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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