
नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। 19 साल पहले 2002 में गुजरात (Gujarat ) के गोधरा कांड (Godhra scandal) में पुलिस (Gujrat Police) को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पंचमहल जिले के गोधरा स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस की बोगी में आग लगाने वाले मुख्य आरोपी रफीक हुसैन भटुक को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर गोधरा पुलिस ने रविवार की देर रात रेलवे स्टेशन के पास एक घर पर छापा मारा गया था, जिसके बाद सोमवार को रफीक हुसैन भटुक को गोधरा कस्बे से गिरफ्तार किया गया है।
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भटुक उस समूह का हिस्सा था, जिसने 27 फरवरी, 2002 को बोगी जलाने का पूरा षड्यंत्र रचा था। भटुक भीड़ को उकसाने से लेकर ट्रेन के कोच को जलाने के लिए पेट्रोल का इंतजाम करने तक इस साजिश में शामिल था।जांच के दौरान नाम सामने आने के तुरंत बाद वह दिल्ली भाग गया था। उसके खिलाफ हत्या एवं दंगा फैलाने समेत अन्य आरोप हैं।उस समय भटुक गोधरा रेलवे स्टेशन पर मजदूरी करता था।
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गुजरात हाईकोर्ट (Gujrat high court) ने 2018 में नरोदा पाटिया में हुए दंगों में भूमिका निभाने के लिए भटुक को 16 अन्य के साथ दोषी ठहराया था।हाईकोर्ट ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी और वह अहमदाबाद की साबरमती केंद्रीय जेल में बंद था, लेकिन दो महिने बाद से वह अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए पैरोल पर गया था और फरार हो गया. इसके खिलाफ जेल अधिनियम के तहत पेरोल का उल्लंघन करने पर जेल प्रशासन ने आठ सितंबर को कृष्णानगर पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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