हजारों शिक्षकों-कर्मियों के लिए खुशखबरी, जल्द बढ़ेगा मानदेय, मंत्री ने विभाग से मांगा प्रस्ताव, खाते में आ सकते है 35000 तक रुपए

salary news

Guest Teachers Honorarium Hike 2024 : उत्तराखंड के हजारों अतिथि शिक्षकों और कर्मियों के लिए अच्छी खबर है। अतिथि शिक्षकों के मानदेय में जल्द वृद्धि देखने को मिलने वाली है। इस संबंध में शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने विभाग से प्रस्ताव मांगा है, जिसे जल्द ही मंजूरी के लिए वित्त और कार्मिक विभाग के पास भेजा जा सकता है ।

4000 अतिथि शिक्षकों होगा लाभ, मानदेय बढ़कर हो सकता है 35000

दरअसल, उत्तराखंड के विभिन्न दुर्गम और अति दुर्गम विद्यालयों में 2015 से अतिथि शिक्षक कार्यरत हैं, जिन्हें 10 हजार मानदेय दिया जाता था, इसके बाद वर्ष 2018 में इनका मानदेय बढ़ाकर 15000 हजार रुपये किया गया और फिर वर्ष 2020-21 में इसे 25000 रुपये किया गया। अब शिक्षकों और कर्मचारियों की मांग पर इसे दोबारा से बढ़ाने की तैयारी है।अगर मानदेय में वृद्धि होती है तो इसका लाभ 4000 शिक्षकों और कर्मियों को मिलेगा।

खबर है कि अतिथि शिक्षकों के मानदेय में 8000 से 1000 रुपए तक की वृद्धि की जा सकती है, इसके बाद अतिथि शिक्षकों का मानदेय 25000 से बढ़कर 35000 तक हो सकता है। शिक्षा मंत्री डॉ.धन सिंह रावत ने अतिथि शिक्षकों को आश्वासन दिया है कि जल्द ही प्रस्ताव को वित्त और कार्मिक विभाग को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। अधिकारियों को कहा गया है कि जल्द प्रस्ताव  बनाकर भेजा जाए। इसके अलावा उनकी कुछ अन्य मांगों को लेकर भी सकारात्मक निर्णय लिया गया है।

कर्मचारियों-पेंशनरों को 4 फीसदी डीए का भी इंतजार

इधर, उत्तराखंड के लाखों सरकारी कर्मचारियों पेंशनरों को 4 फीसदी डीए का इंतजार है, हालांकि वित्त विभाग ने वित्त मंत्री के अनुमोदन के बाद फाइल को मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया है, जिस पर अब सीएम पुष्कर सिंह धामी को अंतिम फैसला लेना । वर्तमान में राज्य कर्मचारियों पेंशनरों को 42 फीसदी डीए का लाभ दिया जा रहा है और 3 लाख से अधिक राजकीय, सहायता प्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं और शहरी निकायों के कार्मिकों व पेंशनर के महंगाई भत्ते को 42 प्रतिशत से बढ़कर 46 प्रतिशत किया जाना है ।संभावना जताई जा रही है कि इस पर भी जल्द फैसला लिया जा सकता है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews