कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, अवधि बढ़ाई, भत्तों समेत मिलते रहेंगे ये लाभ, DoPT ने जारी किए आदेश

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नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। कश्मीर घाटी में तैनात केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिल रहे विशेष प्रोत्साहन और रियायतें जारी रहेंगी और इसके लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने इन लाभों को अगले तीन साल और बढ़ाने के आदेश पहले ही जारी कर दिए हैं।

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए अपनी मीडिया ब्रीफिंग में पिछली कुछ तिमाहियों में फैली इस गलतफहमी और भ्रामक सूचना का निराकरण करते हुए दी है कि DoPT कश्मीर घाटी में कार्यरत केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए उपलब्ध विशेष प्रोत्साहन या रियायतों को बंद करने की प्रक्रिया में था। इस आशय का एक कार्यालय ज्ञापन औपचारिक रूप से डीओपीटी द्वारा लगभग दो सप्ताह ही पहले जारी कर दिया गया है और इसकी प्रति सभी संबंधित पक्षों को भी भेजी गई है।

उन्होंने कहा कि यह प्रोत्साहन पैकेज भारत सरकार के सभी मंत्रालयों या विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों पर समान रूप से लागू होता है और इसे कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि संबंधित मंत्रालय/विभाग अनुमोदित पैकेज के अनुरूप ही  कार्यान्वयन और निगरानी को सुनिश्चित करें।  कर्मचारियों के लिए विशेष प्रोत्साहन में यह शामिल है कि इन कर्मचारियों के पास सरकारी खर्च पर अपने परिवार को भारत में अपनी पसंद के किसी एक चयनित स्थान पर स्थानांतरित करने का विकल्प है और इसके लिए यात्रा भत्ता स्थायी स्थानांतरण में स्वीकार्य यात्रा भत्ते के समान होगा जिसमे पिछले महीने के मूल वेतन के 80% की दर से समग्र स्थानांतरण अनुदान भी शामिल है ।

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इसके तहत उन कर्मचारियों के मामले में जो अपने परिवार को किसी चयनित निवास स्थान पर नहीं ले जाना चाहते हैं, को कार्यालय इत्यादि से आने-जाने के परिवहन में किसी भी अतिरिक्त खर्च की भरपाई के उद्देश्य से उपस्थिति के प्रत्येक दिन के लिए प्रति दिन 113 रुपये का भत्ता दिया जाएगा जो व्यय विभाग के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार उस शहर के भीतर यात्रा के लिए यात्रा शुल्क की प्रतिपूर्ति के बराबर है। हालांकि, वे कर्मचारी जो भारत में अपनी पसंद के किसी चयनित स्थान पर अपने परिवार को स्थानांतरित करने का विकल्प चुनते हैं, वे प्रति दिन भत्ते के लिए पात्र नहीं होंगे क्योंकि वे पिछले महीने के मूल वेतन के 80% की दर से समग्र स्थानांतरण अनुदान का लाभ उठा रहे होते हैं।

मकान भत्ते का भी मिलेगा लाभ

विभाग कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यदि विभाग द्वारा ठहरने की व्यवस्था नहीं की जाती है, तो कश्मीर घाटी में तैनात कर्मचारियों को मकान किराया भत्ता (एचआरए) प्राप्त करने की अनुमति दी जाएगी। वास्तव में, ये सभी कर्मचारी वर्ग “वाई” शहर की दर से अतिरिक्त एचआरए प्राप्त करने के पात्र होंगे। कश्मीर घाटी में छह महीने तक की अवधि के लिए अस्थायी ड्यूटी पर तैनात किए गए कर्मचारियों के मामले में, कश्मीर घाटी विशेष प्रोत्साहन के रूप में जाना जाने वाला प्रोत्साहन भत्ते का भुगतान ठहरने, सुरक्षा और परिवहन के लिए विभागीय व्यवस्था के अलावा भोजन शुल्क (7वें वेतन आयोग के मानदंडों के अनुसार) के साथ उसके पद के स्तर के आधार पर निर्धारित दरों पर किया जाएगा।

पेंशनरों को भी लाभ

इन कर्मचारियों के लिए भोजन भत्ता केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कर्मियों को 97.85/-रुपये प्रतिदिन की दर से दी जाने वाली राशन राशि के बराबर है ।डीओपीटी का यह आदेश उन पेंशनभोगियों के लिए भी स्पष्ट रूप से प्रावधान करता है जो सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक या वेतन और खाता कार्यालय या कोषागार से अपनी पेंशन प्राप्त करने में असमर्थ हैं, उन्हें प्रासंगिक प्रावधानों में छूट के बाद घाटी के बाहर वहां पेंशन दी जाती है जहां वे बस गए हैं।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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