पुरानी पेंशन योजना पर अपडेट, विधायक बोले- OPS बहाल होती तो मिलता अधिक लाभ, मंत्री बोले-कर्मचारियों के साथ बातचीत कर रही है सरकार

OLD PENSION SCHEME

OLD PENSION SCHEME 2024 : असम के सरकारी कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है, जल्द पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है। कर्मचारी संघ से लगातार राज्य सरकार से बातचीत चल रही है। इसकी पुष्टि खुद संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने असम विधानसभा सत्र के दौरान के दौरान की है।

विधायक बोले- OPS हो बहाल, मंत्री ने कहा- बातचीत चल रही है

दरअसल, असम गण परिषद (एजीपी) विधायक रामेंद्र नारायण कलिता ने शुक्रवार को असम विधानसभा सत्र के दौरान राज्य में एनपीएस को लेकर कर्मचारियों की शिकायतों का मामला सदन में उठाया और कहा कि अगर ओपीएस बहाल किया जाता है तो कर्मचारियों को अधिक लाभ होगा।

इस पर संसदीय कार्य मंत्री पीयूष हजारिका ने कहा कि ओपीएस की बहाली की मांग करने वाले कर्मचारियों संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य सरकार लगातार बातचीत कर रही है। वित्त मंत्री अजंता नियोग ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग करने वाले संगठनों के साथ बैठक की है, मामले पर विचार करने का आश्वासन दिया है, हम भी इस मामले पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे।

NPS में ओपीएस जैसा लाभ देने की तैयारी

सदन में पीयूष हजारिका ने कहा कि NPS को OPS के प्रावधानों के आधार पर तैयार किया गया है। OPS की तरह नई प्रणाली में ग्रेच्युटी भुगतान और पारिवारिक पेंशन सहित अन्य प्रावधान शामिल किए गए है।वर्तमान में NPS में किसी कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते का 10% पेंशन फंड में जमा  और सरकार भी उतना ही योगदान देती है। इसके बाद सेवानिवृत्ति के समय अर्जित राशि का 60% भुगतान किया जाता है और शेष 40 % से अधिक पेंशन का भुगतान किया जाता है, जिसका उपयोग वार्षिकी खरीदने के लिए किया जाता है। जिन कर्मचारियों की सेवा के 30-32 साल बचे हैं, उन्हें एनपीएस के तहत लाभ होगा।

जानिए क्या अंतर है OPS और NPS में

  • OPS में सरकारी कर्मचारी के रिटायर होने के बाद आखिरी मूल वेतन और महंगाई भत्ते की आधी रकम बतौर पेंशन ताउम्र सरकार के राजकोष से दी जाती है। OPS में हर साल दो बार महंगाई भत्ता भी बढ़कर मिलता है,पेंशन पाने वाले सरकारी कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार के पेंशन दिए जाना भी ओपीएस में शामिल हैं।
  • NPS एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, जिसमें कर्मचारियों को अपने वेतन का दस प्रतिशत हिस्सा देना होता है। सरकार कर्मचारी के एनपीएस खाते में 14% भाग डालती है।नई पेंशन योजना के तहत सरकारी कर्मचारी को अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10 फीसदी देना होता है और इसमें राज्य सरकार केवल 14% का ही योगदान देती है।
  • पेंशन कमीशन के लागू होने पर पेंशन रिवाइज्ड होने का फायदा भी रिटायर कर्मचारी को मिलता है।OPS में कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद 20 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी मिलती है। ओपीएस में कर्मचारियों के लिए 6 महीने के बाद मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू किया जाता है।
  • नई पेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना होता है। सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।एनपीएस शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।
  • NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।OPS के विपरीत नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।
  • OPS में कर्मचारी के रिटायरमेंट पर GPF के ब्याज पर उसे किसी प्रकार का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता।NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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