Old Pension scheme 2023 : उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक बार फिर पेंशन के लेकर अहम फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने नई पेंशन स्कीम लागू होने से पहले चयनित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने के निर्देश दिए है। कोर्ट ने 2005 से पहले जारी विज्ञापन पर चयनित सहायक शिक्षकों को पुरानी पेंशन देने के निर्देश दिए है।
हाई कोर्ट ने दिए ओपीएस का लाभ देने के निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि नई पेंशन स्कीम लागू होने से पहले जारी हुए विज्ञापन के तहत चयनित सहायक अध्यापकों का पुरानी पेंशन का लाभ पाने का अधिकार है।राज्य सरकार ने दलील दी की सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां नई पेंशन स्कीम लागू होने के बाद की गई है, इस कारण वे नई पेंशन स्कीम में होंगे, लेकिन कोर्ट ने यह सरकारी दलील अस्वीकार कर दी है और उन्हें ओपीएस का लाभ देने के निर्देश दिए।। यह आदेश न्यायमूर्ति विकास बधवार ने नंदलाल यादव समेत कई लोगों की रिट याचिकाओं पर दिया है।
ये है पूरा मामला
दरअसल विज्ञापन संख्या 1 ऑफ 2002 में सहायक शिक्षकों की भर्ती निकली थी, जिसमें पात्र चयनित अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 29 नवंबर 2004 को हुआ था और 24 दिसंबर को परिणाम घोषित कर दिया था। इसके बाद 1 अप्रैल 2005 के बाद चयनित शिक्षकों को जॉइनिंग लेटर देकर नियुक्त करवा लिया गया। सरकार का कहना था कि याचिकाकर्ता NPS के तहत आते हैं, जिस पर याचिकाकर्ता नंदलाल समेत कई शिक्षकों ने सरकार के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती थी, चयनित सहायक अध्यापकों की नियुक्तियां NPS लागू होने से पहले ही कर दी गई थी, जबकि याचिकाकर्ता को विभाग की गलती की वजह से ज्वाइन नहीं कराया गया था। कोर्ट ने याचिकाओं को मंजूर करते हुए कोर्ट ने विज्ञापन संख्या 1 ऑफ 2002 के तहत NPS लागू होने के बाद नियुक्त अध्यापक याचियों को OPS का लाभ देने का निर्देश दिया है।
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