इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मिलेगा सातवें वेतन आयोग का लाभ, बढ़ेगी सैलरी, निर्देश जारी

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7th Pay Commission: दिल्ली के रसोइयों का वेतन बढ़ने वाला है।हाई कोर्ट के निर्देश के बाद दिल्ली एलजी वीके सक्सेना ने समाज कल्याण विभाग को रसोइयों को सातवें वेतन आयोग के लाभ देने का निर्देश दिए है।इतना ही नहीं एलजी ने विभाग को मुकदमेबाजी की लागत का आकलन करने और मामले में देरी करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों की पहचान कर उन पर 15 दिन के अंदर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

रसोईयों को मिलेगा अब सातवे वेतन आयोग का लाभ

दरअसल, दिल्ली सरकार में कार्यरत रसोइए 2014 से सातवें वेतन आयोग को लेकर संघर्ष कर रहे थे।इस मामले में फरवरी 2016 में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) ने रसोइयों के पक्ष में फैसला सुनाया था लेकिन दिल्ली सरकार ने सीएटी के फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दे दी । इसके बाद हाईकोर्ट ने भी सरकार की मांग को खारिज कर दिया और जनवरी 2023 में रसोइयों के पक्ष में फैसला सुनाया ,बावजूद इसके दिल्ली सरकार ने आदेश का पालन नहीं किया।

इसके बाद रसोइयों ने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की, जिसके बाद यह फाइल दिल्ली सरकार ने जनवरी 2024 को उपराज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजी, जिस पर अब मुहर लग गई है।बता दे कि दिल्ली हाईकोर्ट ने विभाग को मई 2014 से प्रभावी, 7वें केंद्रीय वेतन आयोग वेतन मैट्रिक्स का ई लेवल 2 (19900-63200 रुपये) संशोधित वेतनमान देने के लिए, निर्देशित किया गया था। साथ ही कहा था कि रसोइया पद पर कार्यरत कर्मचारियों के संबंध में आदेश प्रभावकारी होगा।उपराज्यपाल ने इस बात पर नाराजगी व्यक्त की कि इस संबंध में 5वें वेतन आयोग की स्पष्ट सिफारिशों के बावजूद मामले को लंबी अवधि तक लंबित रखा गया।

लापरवाहों पर कार्रवाई करने के निर्देश

दिल्ली एलजी ने दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग को हाई कोर्ट के उस निर्देश का पालन करने के लिए कहा. जिसमें रसोइयों के लिए सातवें वेतन आयोग की सिफारिश को लागू करने के लिए कहा गया है। अब एलजी ने 15 दिनों के भीतर तमाम कानूनी प्रक्रियाओं को निपटा कर इस मामले के निपटान का निर्देश दिया है। वही एलजी ने विभाग को मुकदमेबाजी की लागत का आकलन करने और मामले में देरी करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों की पहचान कर उन पर 15 दिन के अंदर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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