कर्मचारियों के लिए गुड न्यूज, ट्रांसफर को लेकर बोर्ड ने दिया ये आदेश, इस तरह मिलेगा लाभ, ये होंगे पात्र

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Railway Employees Transfer : लाखों रेल कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है । केन्द्र सरकार के आदेश के बाद अब रेलवे बोर्ड ने जोनल रेलवे को निर्देश दिए है कि पति-पत्नी को एक स्थान पर ट्रांसफर किया जाए, कर्मचारियों के उनके जीवनसाथी के स्टेशन या पोस्टिंग स्थान पर स्थानांतरण के लंबित अनुरोधों का जल्द निपटाया जाए। इस संबंध में रेलवे द्वारा सभी जोनल अधिकारियों को पत्र भी लिखा गया है।

17 अगस्त को भेजा था 15 जोन के प्रमुखों को पत्र

दरअसल, हाल ही में रेलवे कर्मचारियों और उनके संघों से निर्धारित नीति के बावजूद पति या पत्नी की तैनाती वाले स्थानों पर तबादला करने के कर्मचारियों के अनुरोध पर अमल करने में देरी की गई या फिर अनुरोध को मानने से इनकार की बात सामने आई थी, इसके बाद रेलवे ने इस संबंध में 17 अगस्त को 15 जोन के प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारियों को पत्र भेजाकर इस पर अमल करने के निर्देश दिए है।

रेलवे बोर्ड ने ट्रांसफर लंबित मामलों के निपटारे का दिया आदेश

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल अधिकारियो को भेजे पत्र में कहा कि यह अनुरोध किया जाता है कि ऐसे सभी लंबित अनुरोधों की जांच की जाए और निर्धारित नीति के अनुसार उनका निपटारा किया जाए। मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) की डिजिटलीकरण प्रक्रिया के बाद ऐसे अनुरोध लंबे समय तक लंबित नहीं रहने चाहिए। केंद्र सरकार का मानना है कि नौकरी करने वाले पति-पत्नी की एक साथ तैनाती नहीं होने पर काम और परिवार दोनों प्रभावित होते हैं। नीति में विभिन्न कामकाजी परिस्थितियों जैसे पति और पत्नी की वरिष्ठता स्थिति, रोजगार की स्थिति जहां पति या पत्नी में से एक किसी अन्य केंद्रीय सेवा से संबंधित हो सकता है आदि को ध्यान में रखा गया और तदनुसार स्थानांतरण विकल्प सुझाए गए।

बीते साल भी दिए थे इसी तरह के निर्देश

खबर है कि बीते साल 20 अगस्त 2022 को बोर्ड ने इसी तरह का निर्देश जारी कर पति और पत्नी के आधार पर स्थानांतरण के अनुरोधों के निपटान से संबंधित जानकारी मांगी थी। वही जब पता चला था कि पति-पत्नी के बीच जमीन हस्तांतरण के कई अनुरोध लंबित हैं,तो 6 सितंबर को जोनों को सभी मामलों के निपटारे के लिए एक विशेष अभियान शुरू करने का निर्देश दिया गया था। लेकिन इसका सही से पालन ना होने के चलते बोर्ड ने अपने निर्देश को फिर दोहराया है और जोनों से सभी नए और पुराने लंबित मामलों को निष्कर्ष पर लाने के लिए कहा है।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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