
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल ने अपने बयानों से अतिक्रमणकारियों को उकसाया और गोलपारा में सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए प्रेरित किया जिसके चलते पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक अवैध बसने वाले की मौत हो गई। सरमा ने इसे राहुल गांधी की विनाशकारी विरासत करार दिया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राहुल गांधी ने बुधवार को असम दौरे के दौरान खुले तौर पर अतिक्रमणकारियों को वन भूमि पर कब्जा करने के लिए प्रोत्साहित किया। राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ गुवाहाटी में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ बंद कमरे में चर्चा की थी और चायगांव में कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि असम सहित पूरे देश में लोगों से जमीन छीनी जा रही है और कुछ उद्योगपतियों को दी जा रही है।
राहुल गांधी पर लगाया आरोप
सरमा ने एक एक्स पोस्ट में कहा, “राहुल गांधी के लापरवाह बयानों से प्रेरित होकर आज एक हिंसक भीड़ ने पैकन रिजर्व फॉरेस्ट में जबरन अतिक्रमण करने की कोशिश की और पुलिस व वन कर्मियों पर हमला किया।” इस हमले में 21 पुलिसकर्मी और वन रक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को गोली चलानी पड़ी जिसमें एक अतिक्रमणकारी की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए।
क्या है पूरी घटना, जानिए
गोलपारा जिला आयुक्त प्रदीप टिमुंग ने बताया कि शनिवार को पैकन रिजर्व फॉरेस्ट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई हुई। इसके बाद गुरुवार को जब वन रक्षक और पुलिसकर्मी जंगल के एक हिस्से को घेरने गए तो कथित अतिक्रमणकारियों ने उन पर डंडों और पत्थरों से हमला किया। इस पथराव में कई पुलिसकर्मी और वन कर्मी घायल हो गए। सरमा ने कहा, “राहुल गांधी के एक दिन के दौरे ने असम में शांति भंग की और लोगों की जिंदगी को खतरे में डाला। असम की जनता इस विश्वासघात को न तो भूलेगी और न ही माफ करेगी।”
