माहवारी का खून 50 हजार में बेचा! पीड़िता ने पुलिस में की शिकायत, महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया

माहवारी का खून 50 हजार में बेचा! पीड़िता ने पुलिस में की शिकायत, महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया

Menstrual blood was traded for Aghori Puja : माहवारी के दौरान आज भी स्त्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शारीरिक कष्ट के अलावा सामाजिक मान्यताएं भी उसपर दोहरा बोझ लाद देती है। पीरियड्स के दौरान छूआछूत की प्रथा अब भी कई स्थानों पर कायम है और मासिक धर्म के दौरान शरीर से जो रक्त स्त्राव होता है, उसे अशुद्ध और अपवित्र मानने की रूढ़ि अब भी खत्म नहीं हुई। विज्ञान भले ही इस बारे में कुछ भी कहे..लेकिन मान्यताओं अक्सर उसपर हावी रहती है। ऐसे में अगर कोई ये कहे कि माहवारी के दौरान निकलने वाले रक्त की बिक्री हुई और इसके लिए बाकायदा पुलिस केस दर्ज किया गया..तो आप क्या कहेंगे ?

बहू ने ससुरालवालों पर लगाया आरोप

ये अजीबोगरीब और स्तब्ध करने वाला मामला सामने आया है महाराष्ट्र के पुणे से। यहां 28 साल की एक महिला ने शिकायत की है कि उससे ससुरालवालों ने ‘अघोरी पूजा’ के लिए उसके मासिक धर्म के खून का सौदा किया। जानकारी के मुताबिक महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि महाराष्ट्र के बीड जिले  में उसका ससुराल है और 2019 से ही उसे वहां शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। 2022 के अगस्त महीने में उसके ससुराल वालों ने मासिक धर्म के दौरान शरीर से निकलने वाले रक्त का 50 हजार में सौदा किया। उसका दावा है कि ‘अघोरी पूजा’ के लिए आरोपियों ने जबरन उसके मासिक धर्म का खून लिया।

मामले पर महिला आयोग की नजर

इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब महिला पुणे में अपने मायके पहुंची और सारी घटना की जानकारी माता पिता को दी। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में की गई। महिला का कहना है कि उसके देवर को ‘माहवारी के खून’ के लिए 50 हजार रूपये मिलने थे। उसने कहा है कि आरोपी देवर को उसके खून के बदले 50 हजार रुपये मिलने थे। अपराध की शिकायत विश्रांतवाणी थाने में की गई लेकिन जांच के लिए केस को बीड पुलिस को ट्रांसफर किया गया है। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अप्राकृतिक अपराध, छेड़छाड़ और अघोरी प्रथाओं व काला जादू अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। महिला के पति, सास, ससुर, देवर, भतीजे सहित 7 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। वहीं राज्य महिला आयोग ने भी इसे संज्ञान में लिया है और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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