राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में क्या कहा! जानिये किन आधार पर मांगी राहत

Rahul Gandhi Modi Surname Defamation Case in Supreme Court : राहुल गांधी की ‘मोदी सरनेम’ को लेकर मानहानि मामले में सजा पर रोक लगाने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 21 जुलाई को सुनवाई करेगा। अब पूरे इंडिया की निगाहें भी इस मामले को लेकर शीर्ष अदालत पर टिकी है। यहां INDIA से तात्पर्य विपक्षी दलों का गठबंधन है, जिसने मंगलवार को इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इनक्लूसिव अलायंस (Indian National Democratic Inclusive Alliance) नाम अपनाया है। आईये देखते हैं कि किन आधार पर राहुल गांधी ने अदालत में दायर याचिका मे राहत मांगी है।

याचिका में कहा गया है कि….

‘मोदी उपनाम’ मानहानि मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में अपनी याचिका में राहुल गांधी ने कहा कि “लोकतांत्रिक राजनीतिक गतिविधि के दौरान एक राजनीतिक भाषण” में इस तरह की कठोरतम सजा की आवश्यकता बताई गई। ये देश में राजनीतिक संवाद को खत्म करने वाली विनाशकारी मिसाल कायम करेगा।

याचिका में राहुल गांधी की तरफ से कहा गया है कि ‘मोदी’ एक ऐसा अपरिभाषित समूह है जिसका कोई आकार नहीं है। हमारे देश में विभिन्न समुदायों संस्कृतियों के लोग विभिन्न हिस्सों में रहते हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 499/500 के तहत मानहानि का अपराध सिर्फ एक परिभाषित समूह के संबंध में माना जाता है। कहा गया कि IPC की धारा 499 के अंतर्गत मोदी शब्द लोगों के संघ या संग्रह की श्रेणी में नहीं आता है।

ये बयान शिकायतकर्ता के विरुद्ध नहीं था..याचिका में कहा गया कि राहुल गांधी ने ललित मोदी और नीरव मोदी का जिक्र करते हुए उक्त टिप्पणी की थी। उसमें साफ तौर पर निर्दिष्ट व्यक्तियों के बारे में कहा गयाथा। उससे पूर्णेश मोदी को बदनाम नहीं किया जा सकता है। अपराध में नैतिक कदाचार शामिल नहीं है। यह अपराध जमानती और गैर संज्ञेय है, इसलिए इसे जघन्य नहीं माना जा सकता। इसी के साथ याचिका में उल्लेख है कि सजा के परिणामस्वरूप याचिकाकर्ता को आठ साल की लंबी अवधि के लिए सभी राजनीतिक निर्वाचित कार्यालयों से कठोर बहिष्कार का सामना करना पड़ा। वह भी दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में, जहां याचिकाकर्ता देश के सबसे पुराने राजनीतिक आंदोलन के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं और लगातार विपक्षी राजनीतिक गतिविधि में भी अग्रणी रहे हैं।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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