“यह SC/ST के खिलाफ था..” महिला आरक्षण बिल पर मल्लिकार्जुन खरगे का बयान, भाजपा को बताया सबसे चालाक पार्टी

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को तमिलनाडु में मीडिया के बात करते हुए महिला आरक्षण बिल को लेकर बड़ा बयान दिया है। इतना ही नहीं खरगे ने भाजपा को सबसे चालाक पार्टी भी करार दिया। उन्होंने कहा कि हमने 2023 में महिला आरक्षण बिल को बिना किसी विरोध के पास किया।
Mallikarjun Kharge

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए अब काफी कम दिन बचे हैं। राजनीतिक दल जोरशोर से चुनावी रैलियां कर जनता को साधने का प्रयास कर रही हैं। इस बीच, रविवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कृष्णागिरी में जनसभा को संबोधित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि 2023 में पारित महिला आरक्षण बिल अब तक लागू क्यों नहीं किया गया?

खरगे ने जनसभा को संबोधित कर कहा कि यह उन नेताओं की धरती है जिन्होंने भारत को सम्मान, समझदारी भरी सोच और बराबरी का मतलब सिखाया। आज, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और इंडियन नेशनल कांग्रेस के साथ उसके गठबंधन के नेतृत्व में उन आदर्शों को न सिर्फ़ याद किया जा रहा है, बल्कि उन पर अमल भी किया जा रहा है, उनकी रक्षा की जा रही है और उन्हें मज़बूत किया जा रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष का नफरत के खिलाफ एकजुटता का संदेश

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मुझे तमिलनाडु के लोगों की समझदारी पर पूरा भरोसा है। आप हमेशा धर्मनिरपेक्षता, बहुलवाद और सोशल जस्टिस के साथ खड़े रहे हैं। अब एक बार फिर उठने का समय है। बड़ी संख्या में बाहर निकलें। स्टालिन के हाथ मजबूत करें। धर्मनिरपेक्ष प्रगतिशील गठबंधन को मजबूत करें।

तमिलनाडु को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ एक मजबूत दीवार बनानी चाहिए सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए। 4 मई के नतीजों से पूरे भारत में यह संदेश जाना चाहिए कि लोगों ने नफरत को नकार दिया है और मेलजोल चुना है। हम सब मिलकर लोकतंत्र की रक्षा करेंगे। हम सब मिलकर संविधान की रक्षा करेंगे। हम सब मिलकर एक मजबूत, ज्यादा सबको साथ लेकर चलने वाला भारत बनाएंगे।

महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर बोले खरगे

खरगे ने महिला आरक्षण और परिसीमन बिल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जनसभा के बाद मीडिया के सामने कहा कि परिसीमन बिल को सभी विपक्षी पार्टियों ने मिलकर हरा दिया क्योंकि यह एससी/एसटी के खिलाफ था और उन राज्यों के खिलाफ था जहां चुनाव चल रहे हैं। लेकिन मोदी दावा कर रहे हैं कि महिला आरक्षण बिल हार गया। महिला आरक्षण बिल और नया परिसीमन बिल अलग-अलग हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि हमने 2023 में महिला आरक्षण बिल को बिना किसी विरोध के पास किया और मोदी ने खुद सभी पार्टियों को बधाई दी। जो बिल 2023 में पास हुआ था, उसे नोटिफाई नहीं किया गया था, और इसे 16 अप्रैल, 2026 की रात को नोटिफाई किया गया था। इसका मतलब है कि बिल था ही नहीं, फिर भी वे संशोधन ले आए।

भाजपा सबसे चालाक पार्टी है। वे महिलाओं की इज्जत नहीं करते और जिस दर्शन या विचारधारा में वे विश्वास करते हैं, वह बहुत खराब है। वे खुद कहते हैं, शूद्रों और महिलाओं की इज्जत नहीं होनी चाहिए और महिलाओं को किसी भी राजनीतिक शक्ति, यहां तक ​​कि अर्थव्यवस्था की ताकत या यहां तक ​​कि कांग्रेस पार्टी को इंदिरा गांधी, सोनिया गांधी जैसी ताकतवर महिलाओं ने नेतृत्व किया है और हमारी पार्टी भी खुद एक महिला ने शुरू की है। इसलिए, उन्हें बेवजह झूठे प्रोपेगैंडा पर इल्जाम नहीं लगाना चाहिए।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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