ममता बनर्जी को दिल्ली में झटका, TMC के 20 सांसदों ने छोड़ा साथ, एनडीए के समर्थन में लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा

उल्लेखनीय है कि तृणमूल कांग्रेस के बागी विधायकों में दो तिहाई अलग होते हैं तो उन पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, संविधान की दसवीं अनुसूची के अनुसार लोकसभा में मौजूद 27 टीएमसी विधायकों में से कम से कम 19 सांसदों को पार्टी छोड़ना होगा, यानि 20 सांसदों ने यदि NDA के समर्थन का पत्र सौंपा है तो वो कानूनन सही माना जायेगा।
Mamata Banerjee

Mamata Banerjee

चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी को लगातार मिल रहे झटकों के बीच अब उनकी हो पार्टी TMC के सांसदों ने उन्हें तगड़ा झटका दिया, बड़ी बात ये है कि ये झटका ममता बनर्जी को तब लगा जब वे दिल्ली में भाजपा के खिलाफ इंडिया ब्लाक के साथियों के साथ रणनीति बना रहीं थी, पार्टी के 27 लोकसभा सांसदों में से 20 ने पार्टी से अलग होने का फैसला किया इतना ही नहीं उन्होंने NDA को समर्थन देने वाली चिट्ठी भी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लिख दी।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी में उथल पुथल मची हुई है पहले कुछ विधायकों ने अलग गुट बनाया और पार्टी को झटका दिया, फिर कई नेताओं ने दूरियां बना लीं, आज सुबह राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा सभापति से मुलाकात कर सदस्यता से इस्तीफा दे दिया और पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया, इस घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी इंडिया ब्लाक के साथियों के साथ बैठक में शामिल होने दिल्ली पहुंची तो उन्हें वहां और भी बड़ा झटका लगा।

20 लोकसभा सांसदों ने NDA को समर्थन देने की घोषणा की 

आज सोमवार को जब ममता बनर्जी भाजपा के खिलाफ रणनीति बनाने में इंडिया ब्लाक के साथियों के साथ बैठक कर रही थी उसी समय TMC के 20 सांसदों ने मीटिंग कर एक फैसला लिया और पार्टी से अलग दल बना लिया, पार्टी ने इतना तय करने के बाद केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की और फिर एनडीए को समर्थन देने का निर्णय ले लिया इसके बाद अपने हस्ताक्षर वाला एक पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया, पत्र में एनडीए को समर्थन देने की बात कही गई है।

काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में बनाया नया दल 

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सोमवार को मुख्य सचेतक काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में 20 लोकसभा सांसदों ने अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की, जिससे पार्टी की संसदीय इकाई में फूट पड़ गई है और विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद ममता बनर्जी को करारा झटका लगा है।

स्पीकर को पत्र लिखा, टीएमसी से अलग बैठने की मांग की 

स्पीकर ओम बिरला को लिखे गए पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में काकोली घोष दस्तीदार, अरुप चक्रवर्ती, पार्थ भौमिक, शताब्दी राॅय, जगदीश वसुनिया, , प्रसून बनर्जी, कालीपदा सोरेन सहित कुल 20 सांसद के नाम बताए जा रहे हैं। बागी गुट की नेता के तौर काकोली घोष दस्तीदार को मान्यता देने की मांग की गई है और स्पीकर से लोकसभा में टीएमसी से अलग बैठने की व्यवस्था देने की मांग की है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews