रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना से निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

रेल राज्यमंत्री सुरेश अंगड़ी का कोरोना से निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट| केंद्रीय रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगड़ी का निधन (Suresh Angadi passes away) हो गया है। बुधवार को उन्होंने 65 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स में अंतिम सांस ली। कुछ दिन पहले वो कोरोना संक्रमित (Corona Positive) पाए गए थे। जिसके बाद उन्हें दिल्ली में एम्स में भर्ती कराया गया था| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सुरेश अंगाडी के निधन पर शोक जताया है|

कोरोना संक्रमित अंगाड़ी का दिल्ली के एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा था| सुरेश अंगाड़ी कर्नाटक की बेलगाम सीट से सांसद थे और उन्हें साल 2019 में मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में रेल राज्य मंत्री का प्रभार दिया गया था| उनका निधन बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे हुआ। सुरेश आंगड़ी 65 वर्ष के थे। अंगड़ी ने 11 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी थी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरेश अंगाड़ी के निधन पर ट्वीट कर कहा, ‘सुरेश अंगड़ी एक समर्पित सांसद और प्रभावी मंत्री थे, जो पूरे स्पेक्ट्रम में प्रशंसा प्राप्‍त करते थे। उनका निधन दुखद है। इस दुख की घड़ी में मेरे विचार उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं’। उनके निधन का समाचार सुनकर कई राजनेताओं ने शोक व्यक्त किया।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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