रक्षा मंत्रालय की अहम बैठक आज, हैमर मिसाइल से लेकर एंटी-टैंक सिस्टम तक इन रक्षा सौदों पर लग सकती है मुहर

रक्षा मंत्रालय के नेतृत्व में आज डीएसी की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जाने वाला है। इस दौरान महत्वपूर्ण रक्षा खरीदी प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है।
Ministry of Defence

आज रक्षा अधिग्रहण परिषद की अहम बैठक रक्षा मंत्रालय की अध्यक्षता में आयोजित की जाने वाली है। यह बैठक कई रक्षा परियोजनाओं के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बैठक में नए सीडीएस, थल सी और नौसेना प्रमुख पहली बार शामिल होंगे।

बैठक के दौरान हैमर प्रीसीजन गाइडेड मिसाइल, मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल, वर्बा एयर डिफेंस सिस्टम, ड्रोन रोधी प्रणालियों को लेकर अहम निर्णय लिए जा सकते हैं। इन प्रस्ताव के लागू होने से तीनों सेना की मारक क्षमता और निगरानी व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत होगी। कई महीने बाद आयोजित की जा रही इस बैठक में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल राजा सुब्रमणि, थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ओड़ नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन पहली बार अपने नए पद पर शामिल होंगे।

इन मुद्दों पर होगी चर्चा

बैठक के दौरान डीआरडीओ द्वारा विकसित किए गए मैन पोर्टेबल एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल परियोजना को मंजूरी मिलने की संभावना है। लगभग 2600 करोड रुपए की परियोजना के तहत 100 लॉन्चर, 2300 मिसाइल और पांच सिम्युलेटर सेना को प्रदान किए जाएंगे। इनका उत्पादन भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा किया जाएगा।

राफेल और हैमर मिसाइल की ताकत

इस दौरान 600 हैमर प्रिसिजन गाइडेड मिसाइल खरीदने का प्रस्ताव भी रखा जाने वाला है। 2400 करोड रुपए की लागत से बनने वाली इन मिसाइल का निर्माण फ्रांस की सैफरन कंपनी और भारत के इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड के सहयोग से भारत में है किया जाने वाला है। इन मिसाइल से भारतीय वायु सेना के राफेल और तेजस लड़ाकू विमान लैस किए जाएंगे। जबकि नौसेना इन्हें राफेल एम विमान के लिए इस्तेमाल करने वाली है।

एयर डिफेंस सिस्टम से बढ़ेगी सुरक्षा

थलसेना के लिए वर्बा वेरी शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने पर मुहर लगाई जा सकती है। यह पहले से मौजूद मिसाइल प्रणाली का उन्नत संस्करण है। जिसके जरिए हेलीकॉप्टर, ड्रोन और कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को निशाना बनाया जा सकता है। इसका उत्पादन अदाणी डिफेंस द्वारा किया जाएगा।

बैठक के दौरान इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। अगर ये मंजूरी मिलती है तो तीनों सेनाओं की सैन्य और सुरक्षा क्षमता में वृद्धि होने वाली है।

Diksha Bhanupriy
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"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy →
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