
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक का आयोजन किया गया है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मीटिंग में लिए गए अहम फैसलों (Modi Cabinet Decisions) की जानकारी दी। कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी गई है। अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव किया गया है। कैपेक्स सपोर्ट स्कीम और VISTAR को लेकर भी बड़ी घोषणा की गई है। केंद्र सरकार यौन शोषण और बाल शोषण के मामलों को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है।
चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस राजा सुब्रमणी ने कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान बताया कि योग्यता के आधार पर 25% अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा। पहले इस योजना के अनुसार 75% अग्निवीरों को अनुशासित और प्रेरित युवाओं के रूप में वापस नागरिक जीवन में लौटना था।
सेवा कार्यकाल में 2 साल का विस्तार
बदलाव के बाद अग्निपथ योजना के तहत बाकी 75% अग्निवीरों को 2 साल तक का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जाएगा। मतलब पर सर्विस टेन्योर 4 साल का नहीं बल्कि 6 साल का होगा। इसके बाद भी अग्निवीर यदि इच्छुक होंगे, तो उन्हें एक निश्चित चयन प्रक्रिया के आधार पर सशस्त्र बलों में शामिल किया जाएगा।
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट का विस्तार
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के लिए केंद्र प्रायोजित योजना को अगले 5 वर्षों यानी 1 अप्रैल 2026 से लेकर 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इस योजना का कुल वित्तीय परिव्यय 3788.04 करोड़ रुपये है। केंद्र का हिस्सा “निर्भया फंड” से दिया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार ने फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की संख्या को बढ़ाकर 850 करने का फैसला लिया है। वर्तमान में इसकी संख्या 399 POCSO कोर्ट के साथ 779 है।
इन योजनाओं को भी मिली मंजूरी
- केंद्र सरकार ने “विकसित भारत इनीशिएटिव फॉर स्टैटिसटिक्स, ट्रांसपोर्टेशन एनालिटिक्स एंड रिसर्च (VISTAR)” को 4371.10 करोड़ रुपये परिव्यय के साथ मंजूरी दी गई है। यह स्कीम को वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर वित्त वर्ष 2030-31 तक के लिए मंजूर किया गया है। इसमें कौशल विकास, सर्वेक्षण पद्धतियों में सुधार और विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने पर पर ध्यान दिया जाएगा। साथ ही डेटा संग्रह की आवृति बढ़ाने, डेटा संग्रह के नए तरीके को अपनाने और मूल्यांकन को मजबूत भी किया जाएगा।
- कैबिनेट ने 92GWh ग्रिड स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम का विकास करने करने के लिए 14,500 करोड़ रुपये “वायबिलिटी गैप फंडिंग स्कीम” को मंजूरी दी है। इस योजना का उद्देश्य देश में मौजूद स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम की क्षमता को 170% के बराबर बनाना है। इसके अलावा 2031- 32 तक 411 GWh की जरूरी ग्रेड स्केल एनर्जी क्षमता के लक्ष्य को पूरा करने में भी यह स्कीम मदद करेगी।
- लिथियम और निकेल प्रोसेसिंग के लिए 2814 करोड़ रुपये परिव्यय के साथ कैपेक्स सपोर्ट स्कीम को भी मंजूरी दी गई है। जिसका उद्देश्य क्रिटिकल मिनिरल प्रोसेसिंग को प्रमोट करना है। योजना की अवधि 5 साल है।
Cabinet Briefing by Union Minister @AshwiniVaishnaw https://t.co/yXJWKQbaCv
— Ministry of Information and Broadcasting (@MIB_India) November 4, 2026

