जाति जनगणना पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला, कैबिनेट बैठक में किसानों को लेकर भी घोषणा

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कांग्रेस और उसके इंडी गठबंधन के सहयोगियों ने जाति जनगणना को केवल एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।
PM Modi

caste census India:  केंद्र की मोदी सरकार ने आज कैबिनेट की बैठक कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जिसमें सबसे अहम् फैसला जाति जनगणना पर लिया गया है, सरकार ने जातिगत जनगणना कराने निर्णय ले लिया है, फैसले के तहत कहा गया है कि जाति जनगणना मूल जनगणना के साथ ही कराई जाएगी।

कैबिनेट मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ब्रीफिंग करते हुए बताया कि सरकार ने जाति जनगणना कराने के फैसले के अलावा गन्ना किसानों के लिए भी बड़े फैसले किए गए हैं वहीं कैबिनेट ने शिलॉन्ग से सिल्चर कॉरिडोर को भी  मंजूरी दे दी।

मोदी सरकार कराएगी जाति जनगणना 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम मोदी के नेतृत्व में राजनीतिक मामलों की कैबिनेट ने फैसला किया है कि जाति की जनगणना को आने वाली जनगणना में सम्मिलित करके किया जाएगा,  उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना को कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने सिर्फ अपने लाभ तक के लिए सीमित रखा है, हमारी सरकार अगली जनगणना के साथ जाति जनगणना कराएगी।

अश्विनी वैष्णव का कांग्रेस पर हमला 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने हमेशा जाति जनगणना का विरोध किया है, उन्होंने कहा, “1947 के बाद से जाति जनगणना नहीं की है कांग्रेस ने जाति जनगणना की जगह जाति सर्वे कराया, यूपीए सरकार में कई राज्यों ने राजनीतिक दृष्टि से जाति सर्वे किया है। इससे अच्छी तरह से समझा जा सकता है कि कांग्रेस और उसके इंडी गठबंधन के सहयोगियों ने जाति जनगणना को केवल एक राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है।

जाति सर्वे से समाज में फैली भ्रांति

केंद्रीय मंत्री ने कहा जनगणना का विषय संविधान के अनुच्छेद 246 की केंद्रीय सूची की क्रम संख्या 69 पर अंकित है, यह केंद्र का विषय है। हालांकि, कुछ राज्यों ने जातियों की गणना के लिए सर्वेक्षण किया है, लेकिन राजनीतिक दृष्टिकोण से गैर-पारदर्शी तरीके से ऐसे सर्वेक्षण किए हैं। ऐसे सर्वेक्षणों से समाज में भ्रांति फैली है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारा सामाजिक ताना-बाना राजनीति के दबाव में न आए, हमें जाति जनगणना के लिए एक मंच तैयार करना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि समाज आर्थिक और समाजिक दृष्टि से मजबूत होगा और देश का विकास भी निर्बाध रूप से चलता रहेगा।

गन्ना किसानों को दी बड़ी सौगात

मोदी सरकार ने गन्ना किसानों को भी बड़ी सौगात दी है, कैबिनेट की बैठक में गन्ने का FRP बढ़ाने का फैसला लिया गया,  केंद्रीय मंत्री ने कहा, “चीनी सीजन 2025-26 के लिए गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य 355 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, यह बेंचमार्क मूल्य है, जिसके नीचे इसे नहीं खरीदा जा सकता है।

शिलॉन्ग से सिल्चर कॉरिडोर को मंजूरी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने शिलॉन्ग से सिल्चर कॉरिडोर को भी मंजूरी दी,  सरकार ने मेघालय से असम तक नए हाइवे को मंजूरी दी है, जो 166.8 किलोमीटर लंबा 4 लाइन हाइवे होगा, परियोजना की अनुमानित लागत 22,864 करोड़ रुपए है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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