
Arvind Kejriwal
दिल्ली एक बार फिर दहशत के साए में आ गई जब राजधानी के कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। इनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, द्वारका समेत कई बड़े स्कूल शामिल हैं। इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र में बैठी बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए हैं। अरविंद केजरीवाल, आतिशी और अन्य नेताओं ने कहा कि अब तक कोई दोषी नहीं पकड़ा गया है और बच्चों की सुरक्षा के मामले में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
लगातार मिल रही धमकियों से डरे बच्चे और अभिभावक
पिछले कुछ महीनों से दिल्ली के स्कूलों को बार-बार बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। इससे स्कूल प्रशासन, बच्चे और उनके माता-पिता सभी में डर और चिंता का माहौल है। हर धमकी के बाद पुलिस जांच करती है, पर अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। बच्चों की सुरक्षा के इस संवेदनशील मुद्दे पर कोई पक्की कार्रवाई नहीं होने से लोगों का गुस्सा भी बढ़ रहा है।
AAP का आरोप – दिल्ली में कानून व्यवस्था फेल
आम आदमी पार्टी ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर सीधा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, “दिल्ली के स्कूलों को बार-बार धमकी मिलती है, लेकिन न कोई पकड़ा गया और न कार्रवाई हुई। चार इंजन की सरकार (केंद्र, एलजी, एमसीडी और दिल्ली पुलिस) सब मिलकर भी दिल्ली को सुरक्षित नहीं रख पा रही है।”
उन्होंने कहा कि बच्चों की जान के साथ खिलवाड़ हो रहा है और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
आतिशी ने पूछा – दिल्ली पुलिस क्या कर रही है?
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष की नेता आतिशी ने भी बीजेपी सरकार को घेरते हुए सवाल पूछा कि जब बार-बार स्कूलों को धमकियां मिल रही हैं तो दिल्ली पुलिस क्या कर रही है? उन्होंने कहा कि अभिभावकों में भय का माहौल है और सरकार न सुरक्षा दे पा रही है, न भरोसा।
उन्होंने कहा कि स्कूलों में डर का माहौल किसी भी बच्चे के मानसिक विकास के लिए नुकसानदायक है, और सरकार को तुरंत एक्शन लेना चाहिए।
बीजेपी की चार इंजन सरकार पर विपक्ष का हमला
आम आदमी पार्टी के एमसीडी में नेता विपक्ष अंकुश नारंग ने कहा कि आज (18 अगस्त) फिर दिल्ली के कई स्कूलों को धमकी मिली है। उन्होंने याद दिलाया कि यह कोई नई घटना नहीं है, बल्कि दिल्ली के स्कूल लंबे समय से ऐसी धमकियों का सामना कर रहे हैं।
AAP का कहना है कि बीजेपी की चार इंजन वाली सरकार (केंद्र, एलजी, एमसीडी और दिल्ली पुलिस) एकजुट होकर भी न तो दिल्ली संभाल पा रही है और न ही कानून-व्यवस्था को।
