
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव को लेकर नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री ने साफ कहा कि चाहे चुनाव परिणाम उनके पक्ष में आएं या नहीं, संगठन हाईकोर्ट का दरवाजा जरूर खटखटाएगा। उनका आरोप है कि मतदान प्रक्रिया के दौरान धांधली हुई और विश्वविद्यालय प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया। खत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा करना जरूरी है और इसके लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
रौनक खत्री के गंभीर आरोप
एनएसयूआई के डूसू अध्यक्ष रौनक खत्री ने प्रशासन पर वोट चोरी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह केवल छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश नहीं है, बल्कि लोकतंत्र पर सीधा प्रहार है। खत्री ने दावा किया कि कुछ प्रोफेसर भी इस पूरी प्रक्रिया में शामिल रहे। उन्होंने आगे कहा कि उनकी याचिका पहले से तैयार है और चुनाव नतीजों के बाद इसे हाईकोर्ट में दायर किया जाएगा। खत्री का कहना है कि यदि गड़बड़ी पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य के चुनावों में भी छात्रों का भरोसा उठ जाएगा।
मुकाबले में ABVP बनाम NSUI
इस बार डूसू चुनाव में कुल 21 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन असली मुकाबला अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई के बीच रहा। शुरुआती रुझानों में एबीवीपी तीन सीटों पर आगे है, जहां आर्यन मान ने एनएसयूआई की जोसलिन नंदिता चौधरी को पीछे छोड़ दिया है। छात्रों का कहना है कि वे ऐसे नेताओं को चुनना चाहते हैं जो फीस, हॉस्टल, परिवहन और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता दें। हालांकि, एनएसयूआई ने चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर माहौल और भी गर्मा दिया है।
कॉलेज स्तर पर नतीजों की तस्वीर
डीयू के कई कॉलेजों में नतीजे आते ही माहौल जश्न का बन गया। श्यामा प्रसाद मुखर्जी कॉलेज में एबीवीपी का पूरा पैनल विजयी रहा। सिस्टर निवेदिता कॉलेज छात्र संघ में एबीवीपी ने क्लीन स्वीप किया, वहीं एसजीटीबी खालसा कॉलेज में चार सीटों पर जीत हासिल की। जाकिर हुसैन मॉर्निंग कॉलेज ने पांच सीटें बहुमत के साथ जीतीं। मिरांडा हाउस, हिंदू कॉलेज, श्याम लाल कॉलेज और आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज सहित कई जगह एबीवीपी के उम्मीदवार विजयी रहे। अब शुक्रवार को अंतिम नतीजे साफ करेंगे कि दिल्ली विश्वविद्यालय की राजनीति में किसका पलड़ा भारी रहेगा।
