ओडिशा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर नवीन पटनायक का बड़ा एक्शन, अपने 6 विधायकों को BJD से किया सस्पेंड

ओडिशा में बीजू जनता दल (BJD) ने एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अपने छह विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया है। यह फैसला हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग करने और पार्टी के नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में लिया गया है।
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भुवनेश्वर: ओडिशा की राजनीति में शनिवार को एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिला, जब सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (BJD) ने अपने छह विधायकों को पार्टी से निलंबित कर दिया। पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने यह कड़ा फैसला हाल ही में संपन्न हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर क्रॉस-वोटिंग करने के आरोप में लिया है।

यह कार्रवाई पार्टी की अनुशासनात्मक समिति द्वारा की गई विस्तृत जांच के बाद हुई है। समिति ने विधायकों द्वारा कारण बताओ नोटिस पर दिए गए जवाबों की समीक्षा की, जिसके बाद निलंबन का निर्णय लिया गया। इस कदम को पार्टी के भीतर अनुशासन को मजबूत करने और किसी भी प्रकार की गुटबाजी को रोकने के एक स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

किन विधायकों पर हुई कार्रवाई?

बीजेडी द्वारा निलंबित किए गए विधायकों में बालीगुडा से चक्रमणि कन्हार, जयदेव से नबा किशोर मल्लिक, चौद्वार-कटक से सौविक बिस्वाल, बस्ता से सुबासिनी जेना, तिर्तोल से रमाकांत भोई और बांकी से देवी रंजन त्रिपाठी शामिल हैं। इन सभी पर पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय दूसरे दल के प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का आरोप है।

एक आधिकारिक बयान में, पार्टी सुप्रीमो नवीन पटनायक ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी का संविधान अपने सभी सदस्यों से पूर्ण निष्ठा और अनुशासन की मांग करता है।

“पार्टी का संविधान अपने सदस्यों से पक्की वफादारी की मांग करता है।”- नवीन पटनायक, अध्यक्ष, बीजेडी

इस निलंबन को पार्टी के सभी सदस्यों के लिए एक चेतावनी माना जा रहा है कि सामूहिक फैसलों से किसी भी तरह का विचलन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीजेडी का लक्ष्य अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाते हुए अपनी संगठनात्मक एकता बनाए रखना है।

क्या था राज्यसभा चुनाव का गणित?

ओडिशा में 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव के नतीजे चौंकाने वाले थे। 147 सदस्यीय विधानसभा में सत्तारूढ़ बीजेपी और समर्थक विधायकों की संख्या 82 थी, लेकिन चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार को पहली वरीयता के कुल 93 वोट मिले, जो उनकी वास्तविक ताकत से 11 अधिक थे।

विश्लेषण से पता चला कि इन 11 अतिरिक्त वोटों में से आठ वोट बीजू जनता दल (BJD) के विधायकों के थे, जबकि तीन वोट कांग्रेस विधायकों ने डाले थे। इसी क्रॉस-वोटिंग के कारण भाजपा चार में से दो सीटें जीतने में कामयाब रही, जबकि विपक्षी बीजद और भाजपा समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार को एक-एक सीट से संतोष करना पड़ा। यह घटनाक्रम बीजेडी के लिए एक बड़ा झटका था, जिसके बाद पार्टी ने आंतरिक जांच शुरू की थी।

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Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

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पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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