संविधान दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम, जानें कांस्टीट्यूशन से जुड़ी खास बातें

संविधान दिवस के अवसर पर विज्ञान भवन में आयोजित होगा भव्य कार्यक्रम, जानें कांस्टीट्यूशन से जुड़ी खास बातें

Constitution Day 2023 : हर साल 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। भारतीय संविधान को अंग्रेजी में ‘Constitution of India’ कहते हैं। बता दें कि यह दिन संविधान को समर्पित होता है। वहीं, इस खास मौके पर कानून और न्याय मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में संविधान दिवस मनाया। जिसमें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संविधान का महत्व समझाने का प्रयास किया जाता है। आइए विस्तार से जानें कांस्टीट्यूशन से जुड़ी खास बातें…

इस दिन किया गया था पारित

बता दें कि संविधान को पूरा होने में 2 साल 11 माह और 18 दिन का समय लगा था। जिसके बाद 26 नवंबर, 1949 को भारतीय संविधान सभा ने इसे पारित किया। फिर 24 जनवरी, 1950 को इस पर हस्ताक्षर किया गया और 26 जनवरी, 1950 को यह संविधान पूरी तरह से लागू हो गया, जिसे विश्व में सबसे बड़ा संविधान माना जाता है। यह दिन भारतीय गणतंत्र की स्थापना का भी दिन है।

भारतीय संविधान का महत्व

भारतीय संविधान को सर्वश्रेष्ठ मानने का कारण उसकी विविधता, समानता और विचारशीलता है। यह एक ऐसा संविधान है जिसने देश की समृद्धि, सामाजिक न्याय और संवाद को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं को समाहित किया है। हालांकि, भारतीय संविधान का प्रभाव अमेरिकी संविधान से है, लेकिन यह भारत की समृद्ध और विविधता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें नागरिकों के मौलिक अधिकारों को संरक्षित करने का प्रावधान है। संविधान न केवल एक कानूनी दस्तावेज़ है, बल्कि यह भारतीय राष्ट्रीयता, सांस्कृतिक विरासत और देश के नागरिकों के बीच सामाजिक समझौतों को भी दर्शाता है।

जानें क्या है संविधान

संविधान एक लोकतांत्रिक देश के निर्माण का मूल आधार होता है और यह उस देश की संविधानिक संरचना, नीतियों, और संस्कृति को परिभाषित करता है। संविधान उस देश की राजनीतिक प्रक्रियाओं, सरकारी निर्णयों, नागरिकों के अधिकारों, और कर्त्तव्यों का निर्धारण करता है। संविधान एक ऐसा महत्त्वपूर्ण दस्तावेज़ होता है जो किसी देश की राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी व्यवस्था का ढाचा तैयार करता है। यहां तक कि सरकार के कार्यों, नागरिकों के अधिकारों और संविधानिक संरचना को भी परिभाषित करता है। संविधान नियमों, उपनियमों और संस्कृतियों का संयोजन होता है जो देश की विशेषताओं को दर्शाते हैं।

Sanjucta Pandit
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सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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