Union Budget के खिलाफ विपक्ष का संसद के बाहर प्रदर्शन, खड़गे बोले- सबकी थाली ख़ाली और दो राज्यों को “पकोड़ा” और “जलेबी”, हम सब इसका विरोध करते हैं

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा, मोदी सरकार के बजट में किसी भी राज्य को कुछ नहीं मिला। जिस-जिस राज्य में लोगों ने भाजपा को नकारा है, उस राज्य को इस बजट से कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा सबकी थाली ख़ाली और दो राज्यों की थाली में "पकोड़ा" और "जलेबी"।
Opposition protests against Union Budget

Opposition protests against Union Budget: केंद्र सरकार के कल मंगलवार को देश के लिए आम बजट पेश किया, बजट के बाद से विपक्ष में नाराजगी है, INDIA के नेता इस बजट को कुर्सी बचाने वाला बजट बता रहे हैं, आज राज्यसभा में भी मल्लिकार्जुन खड़गे ने बजट पर सवाल उठाये उन्होंने कहा सबकी थाली ख़ाली, और दो राज्यों की थाली में “पकोड़ा” और “जलेबी”, ये बजट सिर्फ़ अपनी कुर्सी बचाने के लिए लाया गया है। उधर संसद के बाहर विपक्षी सांसदों ने पोस्टर बैनर लेकर बजट के विरोध में प्रदर्शन किया।

INDIA के सांसदों ने संसद के बाहर बजट के विरोध में प्रदर्शन किया 

विपक्ष ने आज संसद में बजट का मुद्दा उठाया और इस बात के लिए नाराजगी जताई कि इस बजट में दो राज्यों को छोड़कर किसी राज्य को कुछ नहीं मिला, INDIA के नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार का बजट भेदभावपूर्ण है, देशवासियों के साथ अन्याय है। हम इसके खिलाफ आवाज बुलंद करते रहेंगे। नाराजगी प्रदर्शित करते हुए INDIA के सांसदों ने संसद के बाहर प्रदर्शन किया।

सबकी थाली ख़ाली और दो राज्यों की थाली में “पकोड़ा” और “जलेबी” : खड़गे 

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा, मोदी सरकार के बजट में किसी भी राज्य को कुछ नहीं मिला। जिस-जिस राज्य में लोगों ने भाजपा को नकारा है, उस राज्य को इस बजट से कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा सबकी थाली ख़ाली और दो राज्यों की थाली में “पकोड़ा” और “जलेबी”।  ये बजट सिर्फ़ अपनी कुर्सी बचाने के लिए लाया गया है। वित्त मंत्री कर्नाटक से चुन कर आती हैं, हमें ये अपेक्षा थी कि सबसे ज़्यादा हमें ही मिलेगा। INDIA गठबंधन इस बजट का विरोध करती है।

अपना गठबंधन बचाने के लिए सिर्फ दो राज्यों को पैसे दिए : राजीव शुक्ला 

प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला ने कहा मोदी सरकार ने इस बजट में अपना गठबंधन बचाने के लिए सिर्फ दो राज्यों को पैसे दिए। देश के बाकी राज्यों को छोड़ दिया गया। अर्थव्यवस्था में लॉन्ग टर्म के फायदे के लिए जिस तरह की योजनाएं लानी चाहिए, वो भी नहीं की गई। हम सभी ने इसलिए विरोध जताया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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