OPS 2024 : शिक्षकों-कर्मियों के लिए राहत भरी खबर, मिलेगा पुरानी पेंशन योजना का लाभ, विभाग ने मांगा ब्यौरा

पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों के प्रबंधन और प्राचार्य को पत्र भेजा है और ऐसे शिक्षक और कर्मचारी हैं जो एक अक्तूबर 2005 से पहले की विज्ञप्ति के आधार पर चयनित हुए हैं, का विवरण मांगा है।
OLD PENSION SCHEME

Old Pension Scheme 2024 : उत्तराखंड के शिक्षकों, कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के 13 अशासकीय महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, अधिकारी और कर्मचारियों को जल्द पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिलने वाला है, इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने इन कॉलेजों से शिक्षकों कर्मचारियों का विवरण मांगा है।

विभाग ने मांगा ब्यौरा, जल्द मिलेगा ओपीएस का लाभ

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने सभी कॉलेजों के प्रबंधन और प्राचार्य को पत्र भेजा है और ऐसे शिक्षक और कर्मचारी हैं जो एक अक्तूबर 2005 से पहले की विज्ञप्ति के आधार पर चयनित हुए हैं, का विवरण मांगा है। कॉलेजों से कर्मचारियों का पूरा विवरण उनकी सूची के साथ निदेशालय को भेजने को कहा गया है।उम्मीद है कि इन कर्मचारियों को जल्द ही ओपीएस में जोड़कर लाभ दिया जा सकता है।

इन 6 हजार अधिकारी कर्मचारियों को भी OPS का लाभ

  • खबर है कि उत्तराखंड के विभिन्न विभागों के छह हजार से अधिक सरकारी कर्मचारियों अधिकारियों को भी केन्द्र की तर्ज पर पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की तैयारी है। इसके लिए 15 फरवरी 2024 तक प्राप्त हुए विकल्पों का परीक्षण शुरू हो गया है और जल्द ही शर्तों को पूरा करने वाले कार्मिकों के संबंध में आवश्यक आदेश जारी किए जा सकते है।
  • इसके बाद इन कर्मचारियों का नई पेंशन योजना का खाता बंद कर दिया जाएगा और पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाएगा। एक अक्टूबर 2005 से पहले विज्ञापित या अधिसूचित पदों के लिए आवेदन करने और एक अक्टूबर, 2005 को या इसके बाद कार्यभार ग्रहण करने वाले कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ मिलेगा। संभावना है कि चुनाव बाद इनको ओपीएस का लाभ मिल सकता है।
Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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