
लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य शीर्ष नेताओं के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का केस चलाने की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है। यह मामला राहुल गांधी के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था, “हम अब बीजेपी से नहीं, बल्कि आरएसएस और भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं।” वकील आलोक वर्मा ने इस बयान को राष्ट्रविरोधी और देश की एकता व अखंडता के खिलाफ बताते हुए परिवाद दायर किया है।
याचिका में राहुल गांधी के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल, सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा का भी नाम शामिल है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल का यह बयान सोच-समझकर दिया गया, जो देश की संवैधानिक संस्थाओं और संप्रभुता के खिलाफ साजिश का हिस्सा है। याचिका में दावा किया गया है कि इस बयान से देश में गृहयुद्ध जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा है।
‘सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया‘
राहुल गांधी ने यह विवादित बयान जनवरी में दिल्ली में कांग्रेस के नए मुख्यालय के उद्घाटन के दौरान कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी और आरएसएस ने देश की सभी संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और कांग्रेस अब न केवल बीजेपी, बल्कि पूरे सिस्टम से लड़ रही है।
कानूनी हलकों में चर्चा का विषय
याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि राहुल गांधी और अन्य नेताओं को भारतीय दंड संहिता 2023 की राष्ट्रद्रोह और षड्यंत्र संबंधित धाराओं के तहत तलब कर कड़ी कार्रवाई की जाए। यह मामला राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
