
PM Modi
राज्यसभा में बुधवार को बजट सत्र के दौरान रिटायर हो रहे सांसदों के लिए विशेष विदाई सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाषण दिया जिसमें सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं के योगदान की सराहना की और संसदीय मर्यादा व अनुभव से सीखने की बात कही।
अपने भाषण में उन्होंने विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और एनसीपी प्रमुख शरद पवार का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं का लंबा संसदीय अनुभव देश के लिए एक अनमोल धरोहर है और युवा सांसदों को उनसे सीखना चाहिए कि जनप्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारी कैसे निभाई जाती है।
पीएम मोदी ने दी फेयरवेल स्पीच
राज्यसभा में अप्रैल से जुलाई के बीच अपना कार्यकाल पूरा करने वाले सदस्यों को बुधवार को औपचारिक विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए सभी सदस्यों के योगदान की सराहना की और संसदीय परंपराओं को मजबूत करने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कहा कि लंबे समय तक संसद में काम करने वाले नेताओं का अनुभव लोकतंत्र के लिए अमूल्य होता है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में “फुल स्टॉप” नहीं होता और कई सदस्य भविष्य में फिर सदन में लौट सकते हैं।
उन्होंने एचडी देवगौड़ा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता शरद पवार जैसे अनुभवी नेताओं का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उनसे सीखने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह का कार्यकाल पूरा होने का भी उल्लेख किया गया। पीएम ने सदन में सभी दलों के नेताओं ने विदा ले रहे सदस्यों के योगदान को याद किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विपक्ष की भूमिका की सराहना
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक संसदीय जीवन जीने वाले नेता सदन की कार्यप्रणाली, परंपराओं और मूल्यों को मजबूत बनाते हैं। अपने भाषण में उन्होंने यह भी कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र के लिए अनुभव और संवाद दोनों आवश्यक हैं।
संसदीय परंपराओं पर जोर दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण के अंत में कहा कि संसद केवल बहस का मंच नहीं, बल्कि सीखने और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम भी है। उन्होंने सभी विदा हो रहे सदस्यों के योगदान की सराहना करते हुए उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
59 सांसदों का कार्यकाल पूर्ण
राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सदन को जानकारी दी कि पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा, मल्लिकार्जुन खड़गे, डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण समेत 25 राज्यों के कुल 59 सदस्य अप्रैल से जून के बीच अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। इनमें से 37 सदस्यों का कार्यकाल आज 18 मार्च को समाप्त होने जा रहा है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने साझा किए अपने अनुभव
वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में भावुक होते हुए कहा कि राजनीति में कोई भी व्यक्ति पूरी तरह से “सीख चुका” नहीं होता। उन्होंने बताया कि 54 वर्षों के अपने संसदीय जीवन के बाद भी उन्हें निरंतर सीखने की आवश्यकता महसूस होती है। उन्होंने कहा कि सदन में उनके अनुभव “खट्टे-मीठे” रहे हैं और जो सदस्य विदा ले रहे हैं उनमें से कई भविष्य में फिर से सदन में लौट सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में संवाद और सहयोग जितना बढ़ेगा उतनी ही गलतफहमियां कम होंगी।
Speaking in the Rajya Sabha. https://t.co/TV2X34E4D1
— Narendra Modi (@narendramodi) March 18, 2026
पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

