PM Modi ने 1 लाख लोगों के साथ किया गीता श्लोकों का पाठ, बोले- सबका साथ-सबका विकास, श्री कृष्ण की प्रेरणा

PM Modi ने कहा उडुपी आना मेरे लिए एक और वजह से विशेष होता है। उडुपी जनसंघ और भाजपा के सुशासन के मॉडल की कर्मभूमि रही है।
PM Modi Udupi Karnataka

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कर्नाटक के उडुपी पहुंचे यहाँ उन्होंने यहाँ श्री कृष्ण मठ (Shri Krishna Math) में पूजा-अर्चना की, सुवर्ण तीर्थ मंडप का उद्घाटन किया और सोने का कलश चढ़ाया। इसके बाद पीएम ने 1 लाख लोगों के साथ श्रीमद्भगवद्गीता (Bhagavad Gita) का पाठ किया। प्रधानमंत्री ने भगवान श्री कृष्ण के उपदेशों को याद करते हुए कहा आज ‘सबका साथ-सबका विकास, सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ जैसी हमारी नीतियों के पीछे भी भगवान श्री कृष्ण के इन्हीं श्लोकों की प्रेरणा है। भगवान श्री कृष्ण हमें गरीबों की सहायता का मंत्र देते हैं और इसी मंत्र की प्रेरणा आयुष्मान भारत और पीएम आवास जैसी योजना का आधार बन जाती है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, कर्नाटक की इस भूमि पर आना मेरे लिए हमेश  एक अलग अनुभूति होती है और उडुपी की धरती पर आना तो हमेशा ही अद्भुत होता है। आज के इस अवसर पर जब 1 लाख लोगों ने एक साथ भगवदगीता के श्लोक पढ़ें, तो पूरे विश्व के लोगों ने भारत की सहस्त्र वर्षों की दिव्यता का साक्षात दर्शन भी किया है।
अभी 3 दिन पहले ही मैं गीता की धरती कुरुक्षेत्र में था। अब आज भगवान श्री कृष्ण के आशीर्वाद और जगद्गुरू श्री माधवाचार्य जी के यश की इस भूमि पर आना मेरे लिए परम संतोष का अवसर है।

श्री कृष्ण के दर्शन में आत्मीय और आध्यात्मिक आनंद मिला 

मोदी ने कहा मेरा जन्म गुजरात में हुआ और गुजरात एवं उडुपी के बीच गहरा और विशेष संबंध रहा है। मान्यता है कि यहां स्थापित भगवान श्री कृष्ण के विग्रह की पूजा पहले द्वारका में माता रुक्मिणी करती थी। बाद में जगद्गुरु श्री माधवाचार्य जी ने इस प्रतिमा को यहां पर स्थापित किया। अभी पिछले ही वर्ष मैं समुद्र के भीतर श्री द्वारका जी के दर्शन करने गया था, वहां से भी आशीर्वाद ले आया। आप खुद समझ सकते हैं कि मुझे इस प्रतिमा के दर्शन करके क्या अनुभूति हुई होगी। इस दर्शन में मुझे एक आत्मीय और आध्यात्मिक आनंद दिया है।

जनसंघ और भाजपा के सुशासन के मॉडल की कर्मभूमि रही उडुपी

उडुपी आना मेरे लिए एक और वजह से विशेष होता है। उडुपी जनसंघ और भाजपा के सुशासन के मॉडल की कर्मभूमि रही है। 1968 में उडुपी के लोगों में जनसंघ के हमारे वी एस आचार्य जी को यहां की नगर पालिका परिषद में विजयी बनाया था। उसके साथ ही उडुपी ने एक नए गवर्नेंस मॉडल की नींव भी रखी थी।

भगवद् नाम कीर्तन से भवसागर से मुक्ति हो जाती है

पीएम ने कहा रामचरित मानस में लिखा है- कलियुग केवल हरि गुन गाहा, गावत नर पावहिं भव थाहा। अर्थात कलियुग में केवल भगवद् नाम और लीला का कीर्तन ही परम साधन है। उसके गायन कीर्तन से भवसागर से मुक्ति हो जाती है। हमारे समाज में मंत्रों का और गीता के श्लोकों का पाठ तो शताब्दियों से हो रहा है, पर जब 1 लाख कंठ, एक स्वर में इन श्लोकों का ऐसा उच्चारण करते हैं, जब इतने सारे लोग गीता जैसे पुण्य ग्रन्थ का पाठ करते हैं, जब ऐसे दैवीय शब्द एक स्थान पर एक साथ गूंजते हैं, तो एक ऐसी ऊर्जा निकलती है, जो हमारे मन को, हमारे मष्तिष्क को एक नया स्पंदन और नई शक्ति देती है।

भगवान श्री कृष्ण हमें गरीबों की सहायता का मंत्र देते हैं

प्रधानमंत्री ने कहा आज ‘सबका साथ-सबका विकास, सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ जैसी हमारी नीतियों के पीछे भी भगवान श्री कृष्ण के इन्हीं श्लोकों की प्रेरणा है। भगवान श्री कृष्ण हमें गरीबों की सहायता का मंत्र देते हैं और इसी मंत्र की प्रेरणा आयुष्मान भारत और पीएम आवास जैसी योजना का आधार बन जाती है। भगवान श्री कृष्ण हमें नारी सुरक्षा, नारी सशक्तिकरण का ज्ञान सिखाते हैं और उसी ज्ञान की प्रेरणा से देश नारीशक्ति वंदन अधिनियम का ऐतिहासिक निर्णय करता है।

गीता कहती है शांति और सत्य की स्थापना के लिए अत्याचारियों का अंत जरूरी 

श्री कृष्ण हमें सबके कल्याण की बात सिखाते हैं और यही बात वैक्सीन मैत्री, सोलर अलायंस और वसुधैव कुटुम्बकम की हमारी नीतियों का आधार बनती हैं। श्री कृष्ण ने गीता का संदेश युद्ध की भूमि पर दिया था और भगवदगीता हमें सिखाती है कि शांति और सत्य की स्थापना के लिए अत्याचारियों का अंत भी आवश्यक है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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