PM मोदी ने बताया-‘मेरे सम्मान की मुहिम गलत, विवादों में घसीटने की खुराफात लगती है’

PM मोदी ने बताया-‘मेरे सम्मान की मुहिम गलत, विवादों में घसीटने की खुराफात लगती है’

नई दिल्ली| देश भर में कोरोना के खिलाफ चल रही जंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर बताया कि उनकी जानकारी में आया है कि कुछ लोग उन्हें सम्मानित करने की मुहिम चला रहे हैं। पीएम मोदी ने बुधवार को दो ट्वीट किए। उन्‍होंने स्‍पष्‍ट कहा कि कुछ लोग उन्‍हें विवादों में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं।

पीएम मोदी ने लिखा कि, “मेरे ध्यान में लाया गया है कि कुछ लोग यह मुहिम चला रहे हैं कि 5 मिनट खड़े रहकर मोदी को सम्मानित किया जाए। पहली नजर में तो यह मोदी को विवादों में घसीटने की कोई खुराफात लगती है।”

अगले ट्वीट में प्रधानमंत्री ने लिखा, ‘हो सकता है कि यह किसी की सदिच्छा हो, तो भी मेरा आग्रह है कि यदि सचमुच में आपके मन में इतना प्यार है और मोदी को सम्मानित ही करना है तो एक गरीब परिवार की जिम्मेदारी कम से कम तब तक उठाइए, जब तक कोरोना वायरस का संकट है। मेरे लिए इससे बड़ा सम्मान कोई हो ही नहीं सकता।’

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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