प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाला: पश्चिम बंगाल के मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा पर ED की बड़ी कार्रवाई, 3.65 करोड़ की संपत्ति की अटैच

3 जनवरी 2026 को ED के कोलकाता जोनल कार्यालय ने बंगाल के प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक और राज्य सरकार में मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा पर शिकंजा कसा है। 
Minister Chandranath Sinha

पश्चिम बंगाल में कुछ महीनों के बाद विधानसभा चुनाव होना है। जिसको लेकर राजनीतिक पार्टियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बीच, बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लगाता र कार्रवाई देखी जा रही है। 3 जनवरी 2026 को ED के कोलकाता जोनल कार्यालय ने बंगाल के प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक और राज्य सरकार में मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा पर शिकंजा कसा है।

मंत्री सिन्हा पर ईडी की कार्रवाई

जांच एजेंसी ने मंत्री सिन्हा की करीब 3.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियों को प्रोविजनली अटैच कर लिया है। चंद्रनाथ सिन्हा वर्तमान में पश्चिम बंगाल सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME), वस्त्र और कारागार प्रशासन विभाग के मंत्री हैं।

बता दें कि ईडी ने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि कोलकाता जोनल ऑफिस ने 31 दिसंबर 2025 को प्राइमरी टीचर्स रिक्रूटमेंट स्कैम में PMLA, 2002 के तहत पश्चिम बंगाल के माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज, टेक्सटाइल्स और करेक्शनल एडमिनिस्ट्रेशन के MLA और इंचार्ज मिनिस्टर चंद्रनाथ सिन्हा की 3.65 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया है।

PTRS केस में अभी कुल जब्ती और अटैचमेंट लगभग 154.91 करोड़ रुपये है। SSC असिस्टेंट टीचर रिक्रूटमेंट और ग्रुप ‘C’ और ‘D’ स्टाफ रिक्रूटमेंट स्कैम के संबंधित मामलों में, ED ने लगभग 486 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की है। जांच एजेंसी के अनुसार, रिक्रूटमेंट स्कैम के मामलों में अब तक कुल अटैचमेंट करीब 641 करोड़ रुपये है।

ईडी का दावा है कि योग्य एवं वास्तविक उम्मीदवारों को परे हटाकर अयोग्य और तय मापदंडों पर खरे न उतरने वाले युवाओं को सरकारी नौकरी दे दी गई। प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में निष्पक्षता का पालन नहीं किया गया। आपराधिक साजिश के जरिए करोड़ों रुपये की संपत्ति एकत्रित की गई। इसकी मदद से आरोपियों ने चल-अचल प्रॉपर्टी खरीद ली।

पहले भी हो चुकी है कार्रवाई

बता दें कि इस मामले में ईडी पहले ही 6 अगस्त 2025 को चंद्रनाथ सिन्हा के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट दाखिल कर चुकी है। इसके अलावा 22 मार्च 2024 को उनके आवास पर छापेमारी के दौरान 41 लाख रुपये नकद और कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। जांच में यह भी सामने आया कि चंद्रनाथ सिन्हा के नियंत्रण वाले बैंक खातों में भारी मात्रा में नकद जमा किया गया था। आरोप है कि उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम पर बोलपुर और बीरभूम इलाके में कई अचल संपत्तियां खरीदीं, जिन्हें अब अटैच कर लिया गया है।

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Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

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