संसद परिसर में प्रदर्शन, लोकसभा, राज्यसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, शशि थरूर बोले- हमने लोगों को निराश किया

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, राहुल गांधी का जो अहंकार कल देखने को मिला, साथी सांसदों का प्रति जो उनका रवैया था वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
Parliament House

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Parliament winter session : संसद का शीतकालीन सत्र हंगामा, शोर शराबा, प्रदर्शन और दो सांसदों के घायल होने के लिए याद रखा जायेगा, इस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात होनी थी, शुरू के एक दो दिन विपक्ष ने अडानी का मुद्दा उठाया और इसपर चर्चा की मांग की, सरकार ने चर्चा की मांग नहीं स्वीकारी जिसके बाद उनका प्रदर्शन शुरू हो गया इसके बाद 17 दिसंबर को गृह मंत्री अमित शाह की अंबेडकर के विषय में की गई टिप्पणी से जो बवाल शुरू हुआ वो आज अंतिम दिन तक जारी रहा और लोकसभा एवं राज्यसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।

25 नवम्बर से शुरू हुआ संसद का शीतकालीन सत्र आज अपने अंतिम दिन 20 दिसंबर को हंगामे , शोर शराबे और नसीहत के साथ ख़त्म हो गया, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सांसदों को मर्यादित व्यवहार करने की नसीहत दी वहीं राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने भी सांसदों को संयमित होकर बात रखने की नसीहत दी, लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा सभापति ने दोनों सदनों की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।

BJP-कांग्रेस-इंडिया ब्लॉक के सांसद संसद परिसर में करते प्रदर्शन   

उधर संसद परिसर में आज भी अंबेडकर मुद्दे को लेकर प्रदर्शन जारी रहा, कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेता बाबा साहब की तस्वीर के साथ अमित शाह के इस्तीफे की मांग करते प्रदर्शन कर रहे थे वहीं भाजपा सांसद राहुल गांधी के व्यवहार और उनके सांसदों को धक्का देकर चोटिल करने के खिलाफ आक्रोशित थे।

राहुल गांधी के रवैये में अहंकार था 

भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, राहुल गांधी का जो अहंकार कल देखने को मिला, साथी सांसदों के प्रति जो उनका रवैया था वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सब नियमों का उल्लंघन करके जो तय रास्ता था वहां से जाने के बजाय जान-बूझकर दलबल को साथ में लेकर जिस तरह से उन्होंने हुड़दंग मचाया है, यह माफी लायक नहीं है। एक नेता प्रतिपक्ष क्या इस सोच के साथ जा सकता है? जब उन्हें घायल के पास लेकर गए तो हाल चाल पूछना तो छोड़िए माफी मांगना छोड़िए उनके चेहरे पर अहंकार नजर आ रहा था।

प्रियंका बोलीं, राहुल गांधी किसी को धक्का नहीं दे सकते

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सांसदों की धक्का-मुक्की वाले विवाद पर कहा, यह सरकार डरती है। यह सरकार अदाणी मामले पर चर्चा करने से डरती है। यह किसी भी चर्चा से डरती है। उन्हें पता है कि अंबेडकर के लिए उनकी सच्ची भावनाएं सामने आ चुकी हैं। इसलिए, अब वे विपक्ष से डरे हुए हैं क्योंकि हम इस मुद्दे को उठा रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ये सरकार इतनी हताश है कि वे झूठी FIR दर्ज कर रहे हैं। राहुल कभी किसी को धक्का नहीं दे सकते। मैं उनकी बहन हूं, मैं उन्हें जानती हूं। वे ऐसा कभी नहीं कर सकते। सच कहूं तो, देश भी यह जानता है। ये सब ध्यान भटकाने वाली बातें हैं।

हमने लोगों को निराश किया: शशि थरूर

इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने  कहा, एक सांसद के रूप में मैं बहुत निराश हूं। मुझे लगता है कि हमारे देश में कई ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए रोजगार, महंगाई, मणिपुर, संभल इन सब पर इस सत्र में चर्चा होनी थी लेकिन दुख की बात है कि इस सत्र का अधिकांश हिस्सा व्यवधान में बर्बाद हो गया है। मुझे लगता है कि हमने भारत के लोगों को निराश किया है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। संसद बहस और चर्चा के लिए एक मंच है ये व्यवधान के लिए नहीं है। उम्मीद करते हैं बजट सत्र अच्छा रहेगा।

Atul Saxena
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Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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