पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, बिजली दरों में कटौती का किया ऐलान, 1 अप्रैल से लागू होंगे नए रेट, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

पंजाब सरकार ने बजट सत्र के पहले दिन सभी कैटेगरी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए दरों में कमी का ऐलान किया है। घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को अलग-अलग स्लैब में राहत मिलेगी और नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। सरकार के मुताबिक इस फैसले से कुल 7,851.91 करोड़ रुपये की राहत का असर दिखेगा।
पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, बिजली दरों में कटौती का किया ऐलान, 1 अप्रैल से लागू होंगे नए रेट, उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन शुक्रवार को भगवंत मान सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा टैरिफ कट लागू करने का ऐलान किया। राज्य में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं और इसी पृष्ठभूमि में यह निर्णय आया है, जिसमें सभी श्रेणियों के उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 50 पैसे से 1.50 रुपये तक राहत दी गई है।

घोषणा के मुताबिक यह बदलाव केवल एक वर्ग तक सीमित नहीं है। घरेलू कनेक्शन, बाजार की दुकानें, औद्योगिक इकाइयां और इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन चारों हिस्सों को शामिल करते हुए नया टैरिफ ढांचा जारी किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे सीधे बिल पर असर दिखाई देगा और कुल मिलाकर बड़े पैमाने पर उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।

दर संशोधन का आदेश पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (PSERC) की ओर से जारी किया गया है। नई दरें अगले महीने 1 अप्रैल से लागू होंगी। यानी चालू वित्तीय व्यवस्था से निकलते ही नया टैरिफ लागू होगा और उसी के आधार पर बिलिंग की जाएगी।

किस श्रेणी में कितनी कमी

सरकार के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दर में अधिकतम 1.50 रुपये प्रति यूनिट तक कटौती की गई है। व्यावसायिक दुकानों के लिए यह राहत 79 पैसे प्रति यूनिट तक रखी गई है। औद्योगिक इकाइयों को 74 पैसे प्रति यूनिट की कमी दी गई है।

इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग (EVP) स्टेशनों के लिए बिजली दर घटाकर 5 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। आधिकारिक बयान में इसे देश की सबसे कम दरों में शामिल बताया गया है। राज्य सरकार का तर्क है कि यह बदलाव ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी गति देगा, क्योंकि चार्जिंग ऑपरेशन की लागत सीधे टैरिफ से जुड़ी रहती है।

उपभोक्ताओं पर कुल प्रभाव और लागू होने की टाइमलाइन

नए फैसले का कुल वित्तीय असर 7,851.91 करोड़ रुपये की राहत के रूप में बताया गया है। यह राहत अलग-अलग उपभोक्ता वर्गों में दर कटौती के जरिए पहुंचेगी। बिलिंग स्तर पर इसका असर श्रेणी और खपत के अनुसार अलग रहेगा, लेकिन नीति का दायरा राज्य के सभी कैटेगरी उपभोक्ताओं तक है।

PSERC के आदेश में यह भी दर्ज है कि संशोधित टैरिफ 1 अप्रैल से प्रभावी होगा। इसलिए मार्च तक पुराना ढांचा और अप्रैल से नया ढांचा लागू माना जाएगा। बजट सत्र के पहले दिन की गई घोषणा ने इस बदलाव को तत्काल राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

औसत सप्लाई रेट, सब्सिडी बोझ और PSPCL की वित्तीय स्थिति

घोषित आंकड़ों के अनुसार पावर सप्लाई की औसत दर 7.15 रुपये प्रति kWh से घटाकर 6.15 रुपये प्रति kWh कर दी गई है। आमतौर पर कम टैरिफ का मतलब राजस्व दबाव माना जाता है, लेकिन सरकार का दावा है कि इस ढांचे से बिजली सब्सिडी का बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

टैरिफ आदेश में यह बिंदु भी शामिल है कि भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) को पहली बार एक कुशल और मुनाफा कमाने वाली कंपनी के रूप में दर्ज किया गया। PSPCL को A+ रेटिंग मिली और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,634 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया गया। सरकार ने इसी वित्तीय आधार को दर कटौती की वजहों में शामिल किया है।

राज्य सरकार का यह कदम चुनावी साल से पहले उपभोक्ताओं के खर्च, ऊर्जा लागत और सब्सिडी प्रबंधन—तीनों मोर्चों पर असर डालने वाला माना जा रहा है। फिलहाल स्पष्ट टाइमलाइन तय है: 1 अप्रैल से नया टैरिफ लागू होगा और उसी के साथ घरेलू से औद्योगिक तक सभी श्रेणियों में घोषित कटौती का प्रभाव बिलों में दिखना शुरू होगा।

Banshika Sharma
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मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
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