Rajiv Gandhi Death Anniversary : “पापा, आपका सपना पूरा करना मेरी जिम्मेदारी”, पिता को याद कर भावुक हुए राहुल गांधी, वीरभूमि पर पुष्प अर्पित किये  

राहुल गांधी ने अपने इमोशन के साथ X पर पिता के साथ एक तस्वीर शेयर की जिसमें वो एयरपोर्ट पर पिता राजीव गांधी के साथ हैं, राहुल  ने लिखा - पापा, आपके सपने, मेरे सपने, आपकी आकांक्षाएं, मेरी ज़िम्मेदारियां। आपकी यादें, आज और हमेशा, दिल में सदा।
Rajiv Gandhi death anniversary

Rajiv Gandhi Death Anniversary : देश में संचार क्रांति, कंप्यूटर युग के जनक कहे जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज पुण्यतिथि है, आज से 32 साल पहले तमिलनाडु के पेराम्बदुर में प्रचार के दौरान 1991 में आज ही के दिन 21 मई को राजीव गांधी की हत्या हुई थी, देश आज राजीव गांधी की याद कर रहा है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे सहित कई कांग्रेस नेताओं ने वीरभूमि पहुंच कर राजीव गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की।

वीरभूमि पहुंचकर सोनिया, राहुल, प्रियंका, खड़गे ने दी श्रद्धांजलि 

गांधी परिवार के लिए आज का दिन बहुत भावुक कर देने वाला है, कांग्रेस नेता भी आज के दिन को याद कर पुरानी यादों में खो जाते हैं और देश के लोग भी उस खबर को 32 साल बाद भी भुला नहीं पा रहे जब राजीव गांधी की हत्या की खबर देश को मिली। आज सुबह से ही राजीव गांधी के समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों की भीड़ लगी हुई है जो इस बात का प्रमाण है कि राजीव गांधी आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं।

राहुल हुए भावुक, X पर लिखा – पापा, आपके सपने, मेरे सपने

राहुल गांधी ने अपने इमोशन के साथ X पर पिता के साथ एक तस्वीर शेयर की जिसमें वो एयरपोर्ट पर पिता राजीव गांधी के साथ हैं, राहुल ने लिखा – पापा, आपके सपने, मेरे सपने, आपकी आकांक्षाएं, मेरी ज़िम्मेदारियां। आपकी यादें, आज और हमेशा, दिल में सदा। इसके बाद कांग्रेस ने राहुल की एक और तस्वीर शेयर को जिसमें वो वीरभूमि पर नमन कर रहे हैं और लिखा – आपका सपना पूरा करना मेरी जिम्मेदारी है।

[dgv_vimeo_video id=”948604760″]

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews