दिल्ली में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा फैसला, नजफगढ़ ड्रेन पर 61 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को दी मंजूरी

दिल्ली सरकार ने राजधानी में ट्रैफिक की समस्या से निपटने और ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ने के लिए एक बड़ी परियोजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में नजफगढ़ ड्रेन के किनारे 453.95 करोड़ रुपये की लागत से करीब 61 किलोमीटर लंबी सड़क बनाने का फैसला किया गया, जिसका काम नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
Rekha Gupta

नई दिल्ली: दिल्ली की सड़कों पर ट्रैफिक के भारी दबाव को कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार ने एक महत्वाकांक्षी योजना को हरी झंडी दिखा दी है। मंगलवार को वित्त व्यय समिति की बैठक में नजफगढ़ ड्रेन के दोनों किनारों पर लगभग 61 किलोमीटर लंबा एक नया कॉरिडोर बनाने की परियोजना को मंजूरी दी गई, जिस पर कुल 453.95 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य दिल्ली की प्रमुख सड़कों जैसे आउटर रिंग रोड और इनर रिंग रोड पर वाहनों का बोझ कम करना है। सरकार का मानना है कि इस वैकल्पिक इंट्रा-सिटी कॉरिडोर के बनने से न केवल यात्रा का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण के स्तर में भी कमी आएगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह भी मौजूद रहे।

किन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा?

यह कॉरिडोर ढांसा से लेकर बसईदारापुर तक दिल्ली के एक बड़े हिस्से को कवर करेगा, जिससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों को लाभ होगा। परियोजना पूरी होने के बाद उत्तम नगर, विकासपुरी, नजफगढ़, छावला, द्वारका, बापरोला, पश्चिम विहार, राजौरी गार्डन और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे इलाकों तक पहुंच आसान हो जाएगी।

इसके अलावा, यह मार्ग गुरुग्राम के सेक्टर-104 और सेक्टर-110 से भी बेहतर संपर्क स्थापित करेगा, जिससे दिल्ली-हरियाणा के बीच आवाजाही सुगम होगी। द्वारका एक्सप्रेसवे से जुड़े गांव जैसे गालिबपुर, रावता मोड़, सारंगपुर, ढांसा, घुम्मनहेड़ा, झटीकरा और छावला को भी इस नई सड़क का सीधा लाभ मिलेगा।

कैसा होगा प्रोजेक्ट का स्वरूप

परियोजना के तहत नजफगढ़ ड्रेन के किनारे करीब 61 किलोमीटर लंबी और 7 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जाएगा। सड़क निर्माण का विवरण इस प्रकार है:

झटीकरा ब्रिज से छावला ब्रिज तक ड्रेन के बाएं किनारे पर 5.94 किलोमीटर लंबी दो-लेन सड़क बनेगी। इसके बाद, छावला से बसईदारापुर तक ड्रेन के दोनों किनारों पर 27.415 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी, जो दोनों तरफ मिलाकर 54.83 किलोमीटर होगी। कुल विकसित लंबाई 60.77 किलोमीटर होगी।

सड़क के साथ-साथ पैदल चलने, जॉगिंग करने और साइकिल चलाने के लिए एक अलग ट्रैक भी विकसित किया जाएगा। द्वारका मेट्रो यार्ड के पास आवाजाही को और सुगम बनाने के लिए एक नए पुल का निर्माण भी योजना में शामिल है। सड़क के किनारे बड़े पैमाने पर पेड़-पौधे लगाकर हरियाली को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, ड्रेन की टूटी दीवारों की मरम्मत और जरूरत के हिसाब से नई दीवारों का निर्माण भी किया जाएगा।

“यह परियोजना दिल्ली में एक स्थायी, हरित और सुव्यवस्थित परिवहन प्रणाली की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह यातायात सुगमता, पर्यावरण संरक्षण और शहरी-ग्रामीण विकास को नई गति देगा।”- रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली

कब तक पूरा होगा काम?

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना को पहले ही तकनीकी समिति और बाढ़ नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है। अब समिति की स्वीकृति के बाद बाकी औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जाएंगी। सरकार ने इस परियोजना के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की है।

सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक सभी जरूरी प्रशासनिक मंजूरियां हासिल करना, अप्रैल 2026 तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करना और मई 2026 तक निर्माण कार्य शुरू करना है। इस पूरी परियोजना को नवंबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Shyam Dwivedi
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Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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