कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर, वेतन-पेंशन को लेकर जारी हुए ये निर्देश, जल्द मिलेगा लाभ

आदेश में कहा गया है कि विभाग अध्यक्षों को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की वेतन विसंगति संबंधी कोई भी मामला अब विचाराधीन नहीं है और अगर होता है तो संबंधित विभाग अध्यक्ष को इसके लिए जवाब देना होगा।
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Employees Salary Pension 2024: उत्तर प्रदेश के अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत भरी खबर है।अब राज्य कर विभाग के अधिकारियों कर्मचारियों को वेतन-पेंशन के लिए परेशान नहीं होगा पड़ेगा। राज्य सरकार ने हर वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले ही वेतन विसंगति दूर करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों की पेंशन प्रक्रिया भी पहले से ही पूरी होगी, ताकी रिटायरमेंट के बाद उन्हें परेशान ना होना पड़े।

देना होगा शपथ पत्र, नहीं है वेतन विसंगति का मामला

अपर आयुक्त लेखा राज्य कर महा मिलिंद लाल ने वेतन विसंगति और पेंशन योजना विभागियों अधिकारियों को पत्र भेज दिया है।इसमें कहा गया है कि सभी कर्मचारियों के सेवानिवृत वाले देयको का समयबद्ध व प्राथमिकता पर भुगतान करने के लिए शासन स्तर से समय-समय पर दिशा निर्देश दिए जाते हैं। इसके साथ ही आदेश में कहा गया है कि विभाग अध्यक्षों को यह शपथ पत्र देना होगा कि उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारियों की वेतन विसंगति संबंधी कोई भी मामला अब विचाराधीन नहीं है और अगर होता है तो संबंधित विभाग अध्यक्ष को इसके लिए जवाब देना पड़ेगा।

विभाग ने दिए ये निर्देश, कर्मचारियों को राहत

शासन स्तर पर जारी गाइडलाइंस के बाद राज्य कर विभाग अपर आयुक्त के वेतन और पेंशन योजना के जारी आदेश में कहा गया है की अंतिम वेतन निर्धारित किए जाने में अनावश्यक देरी होती है जिससे अवकाश नगदीकरण का भुगतान न होने पर मामला न्यायालय में जाता है और विभाग की इससे छवि खराब होती है इसलिए कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के आठ माह पहले ही सेवा पुस्तिका का अवलोकन कर लिया जाए और इसमें किसी भी तरह की कमी होने पर उसे पहले से ही ठीक कराया जाएगा। इससे मामला ना तो कोर्ट तक जाएंगे और ना ही कर्मचारी जो अभी तक विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे उन्हें परेशान होना पड़ेगा।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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