सतीश कौशिक की बेटी ने पापा को चिट्ठी में लिखा ‘हम 90 साल बाद फिर मिलेंगे, आप दुबारा जन्म मत लेना’

सतीश कौशिक की बेटी ने पापा को चिट्ठी में लिखा ‘हम 90 साल बाद फिर मिलेंगे, आप दुबारा जन्म मत लेना’

Satish Kaushik’s daughter Vanshika wrote an emotional letter : एक दिन पहले अनुपम खेर ने अपने खास दोस्त सतीश कौशिक का जन्मदिन मनाया। सतीश कौशिक अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके अपनों ने इस दिन को उसी अंदाज़ में मनाया, जैसे वो पिछले साल तक करत आए थे। उनके दोस्त, परिवार और बॉलीवड की कई हस्तियां इस बर्थडे सेलिब्रेशन में शामिल हुईं। लेकिन यहां सभी को रूला दिया दिवंगत अभिनेता की बेटी ने।

11 साल की वंशिका अपने पिता के बेहद करीब थी। सतीश कौशिक उसे अपनी जान से ज्यादा चाहते थे। पिता का यूं चले जाना उसके लिए बड़ा सदमा है। अनुपम खेर ने लिखा है कि वंशिका ने उन्हें एक लिफाफे में बंद चिट्ठी दी थी और कहा था कि इसे बिना खोले उनकी चिता पर रख देना। ये एक बेटी का अपने पिता के लिए आखिरी मैजेस था। अनुपम खेर ने वंशिका के कहे मुताबिक किया भी, लेकिन उसे कहा कि उस चिट्ठी की एक फोटो खींचकर रख लेना। वही चिट्ठी वंशिका ने 13 अप्रैल को अपने पिता की याद में आयोजित सालगिरह समारोह में पढ़ी।

चिट्ठी क्या थी..जैसे जज़्बातों का एक ज्वार था। एक छोटी सी बच्ची अपने दिल का हाल बयां कर रही है। वंशिका ने लिखा ‘हैलो पापा..मुझे पता है कि अब आप नहीं है लेकिन मैं आपके बताना चाहती हूं कि लेकिन मैं हमेशा आपके साथ रहूंगी। आपके कई दोस्तों ने कहा कि मुझे स्ट्रॉग रहना होगा, लेकिन ये बहुत मुश्किल है। अगर मुझे पता होता कि ऐसा कुछ होने वाला है तो मैं स्कूल से छुट्टियां ले लेती और आपके साथ बहुत सारा समय बिताती। काश मैं आपको एक बार गले लगा पाती। काश आप फिल्मों में होने वाले किसी चमत्कार की तरह वापस आ जाए। अब मम्मी गुस्सा होंगी तो मुझे कौन बचाएगा। प्लीज मेरे सपनों में हर दिन आना। मैं आपके लिए रोज पूजा करूंगी और आप स्वर्ग में खुश रहना। आप प्लीज दुबारा जन्म मत लेना, 90 साल बाद मैं आपसे फिर मिलूंगी। मुझे हमेशा याद रखना, मैं भी आपको हमेशा याद रखूंगी। आप मेरे दिल में हैं और जब भी मैं अपने दिल को छूकर देखूंगी तो आपको महसूस करूंगी। आप दुनिया के सबसे बेस्ट पापा थे’ इस चिट्ठी को जब वंशिका पढ़ रही थी तो अनुपम खेर बीच में कई बार रो पड़े, सामने बैठी वंशिका की मम्मी, अनिल कपूर सहित सभी की आंखों में आंसू थे। जैसा कि वंशिका को उम्मीद है, ये चिट्ठी उसके पापा ने जरूर पढ़ी होगी और कहीं न कहीं से उसे अपना प्यार भेज रहे होंगे।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
Follow Us :GoogleNews