वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री का कोरोना से निधन, इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री का कोरोना से निधन, इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम

आजमगढ, डेस्क रिपोर्ट। देश में कोरोना संक्रमितों (Corona infected) की संख्या 53 लाख और मरने वालों का आंकड़ा भी 85 के पार पहुंच गई है। बावजूद इसके कोरोना का कहर थमने का नाम नही ले रहा है। आए दिन आम आदमी से लेकर खास आदमी इसकी चपेट में आ रहा है, जिसमें से कई कोरोना को मात देकर वापस घर लौट रहे है तो कई अस्पताल में ही जिंदगी हार रहे है।अब चार बार के कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री दल सिंगार यादव (Dal Singar Yadav) निधन हो गया है।उनके निधन ने पार्टी मे शोक लहर दौड़ गई है।

बताया जा रहा है कि 11 सितंबर को उनकी रिपोर्ट कोराना पॉजिटिव आई। उन्हें राजकीय मेडिकल कालेज में भर्ती कराया। जांच में फेफड़े में अधिक संक्रमण होने पर 13 सितंबर को डॉक्टर ने रेफर कर दिया था। उन्हें केजीएमयू लखनऊ में भर्ती कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर लखनऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।उनके निधन की खबर लगते ही पार्टी में शोक लहर दौड़ गई है। स्थानीय नेताओं ने यादव के निधन पर दुख जताया है।

ऐसा रहा राजनैतिक सफर

85 वर्षीय पूर्व मंत्री जिले के गोपालपुर विधानसभा से चार बार विधायक रहे। प्रदेश की विश्वनाथ प्रताप सिंह सरकार में मंत्री भी थे। महराजगंज क्षेत्र के युसूफपुर गांव निवासी दलसिंगार यादव गोपालपुर विधानसभा से चार बार विधायक रहे। 1980 में वीपी सिंह सरकार में प्रदेश के मंत्रिमंडल में शामिल थे। अंतिम बार 1991 में जनता दल से विधायक चुने गए थे। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दलसिंगार यादव शहर के रौदोपर स्थित कालोनी में रहते थे। वर्ष 1969 में पहली बार संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी ने इन्हें गोपालपुर विधानसभा से प्रत्याशी बनाया और वे चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच गए। वर्ष 1970 में दलसिंगार यादव कांग्रेस में शामिल हो गए। इसके बाद कांग्रेस ने लगातार दो बार उन्हे गोपालपुर से मैदान में उतारा, लेकिन दोनों ही बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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