Smart Meter: भ्रांतियां दूर करने चलेगा जागरूकता अभियान, सरकारी कार्यलयों और जन प्रतिनिधियों के घर पहले लगेंगे स्मार्ट मीटर

अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भवनों में पुराने मीटर और नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर को इंस्टॉल करके लोगों को दिखाएँ और बताये कि बिलिंग में दोनों में कोई फर्क नहीं है।
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Smart Meter: देश के कई राज्यों में इन दिनों प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने पर बहुत तेजी से काम हो रहा है, उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश, बिहार सहित कई राज्य हैं जो अपने राज्य में पुराने पोस्ट पेड डिजिटल मीटर को रिप्लेस कर नए प्रीपेड डिजिटल स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं इससे बिजली कंपनी बिजली चोरी पर लगाम लगा सकेगी और उपभोक्ता को निर्बाध बिजली मिलेगी और वो घर बैठे ही बिजली का बिल भी जमा कर सकेगा लेकिन कुछ जगह इन स्मार्ट मीटर का विरोध हो रहा है जिसे दूर करने के लिए कंपनी ने योजना बनी है।

बिहार में भी प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है, शहरी क्षेत्रों में इसका रिस्पांस ठीक है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में लोग इसका विरोध कर रहे हैं, उनके मन में मीटर को लेकर कई तरह के संशय हैं लोगों ने उन्हें भ्रमित कर दिया है जैसे बिजली का बिल बहुत बढ़ जायेगा,आदि …इसलिए वे इस मीटर को नहीं लगवा रहे।

पहले मुखिया, सरपंच और अन्य जन प्रतिनिधि के घर लगायें स्मार्ट मीटर 

बिहार बिजली विभाग ने अब इस समस्या का हल निकाला है और अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जन जागरूकता अभियान चलायें, सबसे पहले गाँव के मुखिया, सरपंच और अन्य जन प्रतिनिधियों के घर पर स्मार्ट मीटर लगवाएं जिससे वे ग्रामीणों को मीटर दिखा सकें और उसकी खूबियाँ बता सकें।

जागरूकता अभियान से बदलें उपभोक्ता का माइंडसेट 

कंपनी के अधिकारियों का मानना है कि जागरुकता अभियान की मदद से ही उपभोक्ताओं के माइंडसेट को बदला जा सकता है, प्रीपेड स्मार्ट मीटर का विरोध गलत अवधारणाओं की वजह से हो रहा है, यदि उपभोक्ताओं तक सही जानकारी पहुंचेगी तो उनकी गलत अवधारणाएं अपने आप दूर होती चली जाएंगी और स्मार्ट मीटर के इंस्टॉलेशन में आनेवाली अड़चनें समाप्त हो जाएंगी, कंपनी ने  इसलिए सभी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के निर्देश दिए हैं।

सरकारी भवनों में पुराने मीटर के साथ नया मीटर लगा कर बिलिंग दिखाने के निर्देश  

कंपनी ने इंजीनियरों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के घरों में स्मार्ट मीटर लगवाएं, इंजीनियरों को अपने-अपने क्षेत्र के सभी सरकारी भवनों में भी तुरंत स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश दिए गए हैं, अधीक्षण अभियंताओं को इसकी निगरानी का जिम्मा दिया गया है,  अधिकारियों ने कहा कि सरकारी भवनों में पुराने मीटर और नए स्मार्ट प्रीपेड मीटर को इंस्टॉल करके लोगों को दिखाएँ और बताये कि बिलिंग में दोनों में कोई फर्क नहीं है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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