मुख्यमंत्री बदलने की अटकलें तेज, दिल्ली में हुई लॉबिंग शुरू

मुख्यमंत्री

जयपुर डेस्क रिपोर्ट। पंजाब (Punjab Politics) के बाद अब राजस्थान (Rajasthan Politics) में भी मुख्यमंत्री बदलने की कवायद तेज होने की सुगबुगाहट है। मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार सचिन पायलट पिछले 3 दिनों से दिल्ली में डेरा डाले हैं और राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के अलावा कांग्रेस के कई आला नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं। लगता है कांग्रेस (Congress) भी अब बीजेपी की राह पर चल पड़ी है। पिछले 6 महीने में जहां बीजेपी चार मुख्यमंत्री बदल चुकी है, वहीं पंजाब में अमरिंदर सिंह को हटाकर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बना कर कांग्रेस ने भी बदलाव कर दिया है। राजनीतिक पंडितों की मानें तो अब बारी राजस्थान और उसके बाद छत्तीसगढ़ की है।

यह भी पढ़े.. MP News: 3 पंचायत सचिव और एक उपयंत्री निलंबित, रोजगार सहायक समेत 5 को नोटिस

दरअसल राजस्थान में मुख्यमंत्री पद (Rajasthan Chief Minister) के प्रबल दावेदार सचिन पायलट (Sachin Pilot) ताल ठोक कर मैदान में है और शुक्रवार से दिल्ली में उन्होंने राहुल गांधी(Rahul Gandhi)- प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के साथ-साथ कई बड़े नेताओं से भी मुलाकात की है। संगठन के महासचिव केसी वेणुगोपालन और राजस्थान के प्रभारी अजय माकन राजस्थान की राजनीति को लेकर कई चर्चाएं कर चुके हैं। 1 अक्टूबर को मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay singh) जयपुर जा रहे हैं जहां वह मंत्री-विधायकों की बैठक लेंगे।

यह भी पढ़े.. MP Weather : अगले 24 घंटे में इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने की चेतावनी

माना जा रहा है कि यह बैठक आलाकमान के इशारे पर हो रही है। जहां दिग्विजय सिंह मंत्री और विधायकों (MLA-Minister) के साथ बैठक कर उनका मन टटोल आएंगे। इस बात की पूरी उम्मीद जाहिर की जा रही है कि श्राद्ध पक्ष के बाद अब राजस्थान में भी कभी भी बदलाव हो सकता है। कांग्रेस आलाकमान का यह भी मानना है कि यदि राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन किया जाता है तो पिछले 3 साल की सरकार की खामियां और जनता की नाराजगी को काफी हद तक दूर किया जा सकता है और नवंबर 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में वापसी कर सकती है।

Pooja Khodani
लेखक के बारे में
Pooja Khodani

12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
Follow Us :GoogleNews