केंद्र सरकार ने जारी की 25 फसलों की 184 नई उन्नत किस्‍में, चीन को पीछे छोड़कर चावल उत्पादन में भारत बना नंबर-1, केंद्रीय कृषि मंत्री ने दी जानकारी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 04 जनवरी 2026 नई दिल्ली के एनएएससी कॉम्प्लेक्स स्थित ए.पी. शिंदे ऑडिटोरियम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 फील्ड फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया।
Shivraj Singh Chouhan

भारत सरकार किसानों के हित में कई बड़े कदम उठा रही है। वर्तमान में देश के करोड़ों किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ मिल रहा है। तो वहीं केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों को बड़ी सौगात दे दी है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 04 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के NASC कॉम्प्लेक्स स्थित ए.पी. शिंदे ऑडिटोरियम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 फील्ड फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया।

इन 184 किस्मों को ICAR के वैज्ञानिकों ने विभिन्न कृषि-जलवायु परिस्थितियों, मिट्टी के प्रकार और खेती की पद्धतियों को ध्यान में रखते हुए वर्षों के शोध, परीक्षण और मूल्यांकन के बाद विकसित किया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह ने कहा कि देश ने ज्यादा उपज देने वाले बीजों के विकास में बड़ी सफलता हासिल की है। साल 1969 में राजपत्र अधिसूचना प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कुल 7205 फसल किस्मों को अधिसूचित किया गया है, जिनमें चावल, गेहूं, ज्वार, मक्का, दालें, तिलहन, फाइबर फसलें शामिल हैं। कृषि मंत्री ने बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 3236 ज्यादा उपज देने वाली किस्मों को मंजूरी दी गई है, जबकि 1969 से 2014 के बीच 3969 किस्मों को अधिसूचित किया गया था।

उन्होंने कहा कि देश भर के किसानों के लिए 25 फसलों की 184 नवीन प्रजातियां जारी की गई हैं, जिन्हें तीन वर्षों के भीतर किसानों तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्रीय मंत्री ने दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया और कहा कि इस क्षेत्र में उत्पादकता बढ़ाना, मूल्य स्थिर रखना और प्रोसेसिंग व्यवस्था विकसित करना केंद्र की प्राथमिकता है।

चीन को पीछे छोड़कर चावल उत्पादन में भारत बना नंबर-1

शिवराज सिंह बताया कि भारत एक खाद्य-कमी वाले देश से वैश्विक खाद्य प्रदाता वाले देश में बदल गया है, जो कृषि विकास एवं खाद्य सुरक्षा में ऐतिहासिक रूप से मील का पत्थर साबित हुआ है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने चावल के उत्पादन में चीन को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है। भारत का चावल उत्पादन 150.18 मिलियन टन तक पहुंच गया है, जबकि चीन का उत्पादन 145.28 मिलियन टन है, जिससे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। साथ ही दुनिया के खाद्य आपूर्तिकर्ता के रूप में भारत की भूमिका भी मजबूत हुई है।

Shyam Dwivedi
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