UPS : यूनिफाइड पेंशन स्कीम पर अपडेट, अब कर्मचार‍ियों को मिलेगा सेवानिवृत्ति और मृत्यु ग्रेच्युटी का लाभ, आदेश जारी, जानें डिटेल्स

यूपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारी अब केंद्रीय सिविल सेवा नियम 2021 के अनुसार रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी बेनिफिट के लिए पात्र होंगे।
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केंद्रिय कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। अब यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) में शामिल सभी सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) के तहत मिलने वाले रिटायरमेंट और डेथ ग्रेच्युटी बेनिफिट के हकदार होंगे।इसकी घोषणा केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने की है।

यूपीएस के तहत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारी अब केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत ग्रेच्युटी का भुगतान) नियम, 2021 के प्रविधानों के अनुसार सेवानिवृत्ति और मृत्यु ग्रेच्युटी लाभ के लिए पात्र होंगे।

केन्द्रीय मंत्री ने की घोषणा

  • केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि एकीकृत पेंशन योजना के अंतर्गत आने वाले केंद्र सरकार के कर्मचारी अब केंद्रीय सिविल सेवा (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के तहत ग्रेच्युटी का भुगतान) नियम, 2021 के प्रावधानों के अनुसार सेवानिवृत्ति और मृत्यु ग्रेच्युटी लाभ के लिए पात्र होंगे।
  • यह कदम सरकारी कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण मांग को पूरा करता है और सेवानिवृत्ति लाभों में समानता लाता है। नया प्रावधान NPS के तहत कर्मचारियों की सभी श्रेणियों के लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

ओपीएस जैसी सुविधा अब UPS में भी

नए नियमों के तहत अब UPS में शामिल केंद्र सरकार के कर्मचारी भी केंद्रीय सिविल सेवा नियम, 2021 के अनुसार ग्रैच्युटी के लाभ के पात्र होंगे। पहले यह लाभ केवल OPS वाले कर्मचारियों को ही मिलता था। कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, सेवा के दौरान कर्मचारी की मौत, विकलांगता या अमान्यता की स्थिति में अब UPS कर्मचारी भी OPS के समान लाभ प्राप्त कर सकेंगे, इसके लिए उन्हें अपने सेवा रिकॉर्ड में विकल्प देना होगा।डीओपीपीडब्ल्यू (पेंशन विभाग) ने इस संबंध में एक नया आदेश भी जारी किया है, जिससे UPS कर्मचारियों को OPS के तहत मिलने वाले लाभों का विकल्प चुनने का अधिकार मिलेगा।

सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी का लाभ

  • वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने 24.01.2025 की अपनी अधिसूचना के माध्यम से UPS को 01.04.2025 की प्रभावी तिथि से केंद्रीय सरकार की सिविल सेवा में नए कर्मचारियों के लिए NPS के तहत एक विकल्प के रूप में अधिसूचित किया था। इसमें NPS के तहत आने वाले केंद्रीय कर्मचारियों को UPS में शामिल होने का एकमुश्त विकल्प दिया गया था।
  • उपरोक्त के आलोक में, पेंशन और पेंशनर्स कल्याण विभाग ने 18.06.2025 के अपने कार्यालय ज्ञापन के जरिए यह स्पष्ट किया है कि UPS का विकल्प चुनने वाले केंद्रीय कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा नियम, 2021 के प्रावधानों के तहत ‘सेवानिवृत्ति ग्रेच्युटी और डेथ ग्रेच्युटी’ के लाभ के लिए पात्र होंगे।

आईए जानते है UPS, NPS से कितनी है अलग

UPS में किस तरह मिलेगा लाभ
  • Assured Pension: 25 वर्ष की न्यूनतम अर्हक सेवा के लिए सेवानिवृत्ति से पहले अंतिम 12 महीनों में प्राप्त औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत। यह वेतन न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा अवधि तक कम सेवा अवधि के लिए आनुपातिक होगा।
  • Assured Family Pension: कर्मचारी की मृत्यु से ठीक पहले उसकी पेंशन का 60 प्रतिशत।
  • Assured Minimum Pension: न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर 10,000 रुपये प्रति माह।
  • Inflation Index: सुनिश्चित पेंशन पर, सुनिश्चित पारिवारिक पेंशन पर और सुनिश्चित न्यूनतम पेंशन पर।औद्योगिक श्रमिकों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीई-आईडब्ल्यू) के आधार पर महंगाई राहत।सैन्य कर्मचारियों के मामले में सेवानिवृत्ति के समय ग्रेच्युटी के अतिरिक्त एकमुश्त भुगतान, सेवा के प्रत्येक पूर्ण छह महीने के लिए, सेवानिवृत्ति की तिथि पर मासिक परिलब्धियों (वेतन + डीए) का 1/10वां हिस्सा,इस भुगतान से सुनिश्चित पेंशन की धनराशि कम नहीं होगी।
NPS में किस तरह मिलता है
  • NPS एक कंट्रीब्यूटरी स्कीम है, इसके तहत सरकारी कर्मचारी को अपनी पेंशन में मूल वेतन का 10 फीसदी देना होता है और इसमें राज्य सरकार केवल 14% का ही योगदान देती है।
  • एनपीएस में कर्मचारी को रिटायरमेंट के समय 60% राशि मिलती है। बाकी 40% राशि से पेंशन बनती है।NPS में रिटायरमेंट के समय ग्रेच्युटी का कोई स्थायी प्रावधान नहीं है।न्यू पेंशन स्कीम (NPS) में 6 महीने के उपरांत मिलने वाला महंगाई भत्ता (DA) लागू नहीं होता है।
  • नई पेंशन स्कीम के तहत सेवानिवृत्ति पर पेंशन पाने के लिए एनपीएस फंड का 40 फीसदी निवेश करना होता है।सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।एनपीएस शेयर बाजार पर आधारित है। इसमें महंगाई भत्ते का प्रावधान शामिल नहीं है।
  • NPS में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को कुल वेतन का 50 फीसदी पेंशन के तौर पर देने का प्रावधान है।नई पेंशन स्कीम में रिटायरमेंट पर शेयर बाजार के अनुसार जो भी पैसा मिलेगा,आपको उसपर टैक्स देना होता है।
Pooja Khodani
लेखक के बारे में
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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